तेल पर मिली अमेरिकी छूट पर ईरान का दावा-'समुद्र में मौजूद नहीं कोई क्रूड, न ही है सरप्लस ऑयल'

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अमेरिका ने इन ट्रांजिट ईरानी तेल को खरीदने की मंजूरी दे दी है. हालांकि, ईरान ने कहा है कि उसके पास ऐसा कोई तेल नहीं है.
तेल पर मिली अमेरिकी छूट पर ईरान का दावा-'समुद्र में मौजूद नहीं कोई क्रूड, न ही है सरप्लस ऑयल'

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वेस्ट एशिया खासकर मिडिल ईस्ट में पिछले तीन हफ्तों में ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका ने भीषण युद्ध छेड़ दिया है. इस युद्ध से कच्चे तेल का बाजार भारी उतार-चढ़ाव के दौर स गुजरा रहा है. इस बीच अमेरिका ने ईरानी कच्चे तेल पर लगे कड़े प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने की घोषणा की है. अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ ट्रेजरी स्कॉट बेसेंट ने इसकी घोषणा की है. लेकिन, ईरान के पेट्रोलियम मंत्रालय ने अेरिका के इस कदम की हवा निकाल दी है.

मौजूद नहीं है फ्लोटिंग क्रूड या सरप्लस

ईरान के पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि उसके पास इंटरनेशनल मार्केट के लिए कोई भी फ्लोटिंग क्रूड (समुद्र में जहाजों पर मौजूद तल) या सरप्लस उपलब्ध नहीं है.

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तेल बाजार पर पड़ सकता है असर

  • न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक मुंबई स्थित ईरानी कमर्शियल एंबेसी द्वारा जारी एक बयान में ईरान के तेल मंत्रालय ने अमेरिकी कदम का सीधे तौर पर खंडन किया है.
  • बयान के मुताबिक, "फिलहाल, ईरान के पास इंटरनेशनल मार्केट के लिए मूल रूप से कोई फ्लोटिं क्रूड या सरप्लस उपलब्ध नहीं है.
  • ईरानी वाणिज्य दूतावस के मुताबिक अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी की टिप्पणी का उद्देश्य केवल खरीदारों को आश्वस्त करना और मार्केट सेंटिमेंट्स को मैनेज करना है.
  • ईरान के इस इनकार का असर तेल बाजार पर पड़ सकता है. अभी रणनीति रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज भी समुद्री यातायात के लिए लगभग बंद है.

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी ने किया था पोस्ट

अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्ट के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने 19 अप्रैल 2026 तक ईरानी मूल के कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर लगे बैन में अस्थायी ढील देने क ऐलान किया था.

केवल इन ट्रांजिट तेल खरीद पर परमिशन

  • अमेरिका के फैसले के तहत उन जहाजों से तेल की बिक्री, डिलीवरी या फिर अनलोडिंग की अनुमति दी गई थी, जिन पर 20 मार्च या उससे पहले ईरानी तेल लोड किया गया था.
  • ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री की परमिशन देने के अपने आदेश को एक लिमिटेड और शॉर्ट टाइम राइट बताया है.
  • बेसेंट के मुताबिक, "फिलहाल, बैन किए गए ईरानी तेल को चीन के जरिए सस्ते में जमा किया जा रहा है. इस मौजूद सप्लाई को दुनिया के लिए अस्थायी तौर से खोलकर, अमेरिका तेजी से लगभग 140 मिलियन बैरल तेल ग्लोबल मार्केट में लाएगा.
  • बैसेंट के मुताबिक ऑपरेशन एपिर फ्यूरी के जारी रहने के दौरान, कीमतों को कम रखने के लिए ईरान के बैरल का इस्तेमाल तेहरान के खिलाफ करेंगे. बेसेंट के मुताबिक यह छूट केवल इन ट्रांजिट तेलों के लिए है और नई खरीद की परमिशन नहीं है.
  • ट्रेजरी सेक्रेटरी के मुतबिक ईरान के लिए इस रेवेन्यू तक पहुंचना बेहद मुश्किल होगा. बेसेंट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन अतिरिक्त 440 मिलियन बैरल तेल लाने के लिए काम कर रहा है, ताकि हॉर्मुज में ईरान की रुकावट को बेअसर किया जाएगा.

राष्ट्रपति ट्रंप ने किया पोस्ट, बताएं अपने पांच टारगेट

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका 'ईरानी आतंकी शासन' के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों को समेटने के बारे में सोच रहा है, क्योंकि अमेरिकी सेना अपने निर्धारित टारगेट को हासिल करने के बेहद करीब पहुंच गई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने 5 अहम टारगेट बताया है. पहला टारगेट ईरानी मिसाइल क्षमता और लॉन्चरों को पूरी तरह तबाह करना, दूसरा टारगेट ईरान के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को तबाह करना, तीसरा- विमान भेदी हथियारों सहित नेवी और एयरफोर्स का ख्तमा, ईरान के परमाणु क्षमता के करीब न पहुंचने देना.

(ANI इनपुट के साथ)

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