जो भी बनेगा ईरान का अगला सुप्रीम लीडर...मौत पक्की! इजरायल ने खुलेआम दी धमकी, पढ़िए IDF ने अपने बयान में क्या कहा?

इजरायल ने ईरान को सीधी चेतावनी दी है कि अगले सुप्रीम लीडर के चुनाव में शामिल होने वाले हर शख्स को निशाना बनाया जाएगा. जानें ईरान के सत्ता संघर्ष और इजरायल के इस बड़े खतरे के पीछे की पूरी कहानी.
जो भी बनेगा ईरान का अगला सुप्रीम लीडर...मौत पक्की! इजरायल ने खुलेआम दी धमकी, पढ़िए IDF ने अपने बयान में क्या कहा?

इजरायल की सेना ने ईरान को खुलेआम दी धमकी. (इमेज सोर्स- IDF)

ईरान इस वक्त अपने इतिहास के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है. 86 साल के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब नहीं रहे और उनकी जगह कौन लेगा, इसे लेकर पूरी दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हैं. लेकिन इस बीच इजरायल ने एक ऐसी चेतावनी दे दी है जिसने आग में घी डालने का काम किया है.

इजरायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने साफ कह दिया है कि वे ईरान के अगले सुप्रीम लीडर को चुनने की प्रक्रिया में शामिल हर एक इंसान को अपना निशाना बनाएंगे. यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि एक सीधा वॉर डिक्लेरेशन जैसा है.

इजरायली डिफेंस फोर्सेस ने क्या कहा?

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इजरायल की सेना ने फारसी भाषा में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि इजरायल का हाथ हर उस उत्तराधिकारी और हर उस व्यक्ति का पीछा करेगा जो उसे नियुक्त करने की कोशिश करेगा.

इजरायल ने चेतावनी दी है कि उत्तराधिकारी चुनने वाली बैठक में हिस्सा लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. हालात इतने खराब हैं कि ईरान इस समय पूरी तरह से युद्ध की स्थिति में है और सत्ता का यह बदलाव गोलियों की गड़गड़ाहट के बीच हो रहा है.

उत्तराधिकारी पर बहुमत

ईरान की समाचार एजेंसी 'मेहर' के मुताबिक, 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने नए सर्वोच्च नेता के नाम पर एक बहुमत बना लिया है. असेंबली के सदस्य मीरबागेरी ने संकेत दिए हैं कि नाम तो लगभग तय है, लेकिन कुछ बाधाएं अभी बाकी हैं जिन्हें सुलझाना जरूरी है. जब 1989 में खुमैनी की मौत हुई थी, तब उत्तराधिकारी का चुनाव तुरंत हो गया था क्योंकि तब युद्ध जैसे हालात नहीं थे. लेकिन आज ईरान सीधा इजरायल और अमेरिका के हमलों का सामना कर रहा है, जिससे यह पूरी प्रक्रिया बहुत जटिल हो गई है.

ईरान की लीडरशिप काउंसिल ने सरकारी मीडिया को बताया है कि वे जल्द से जल्द नया नेता नियुक्त करने की कोशिश कर रहे हैं. फिलहाल काउंसिल ही देश चला रही है, लेकिन वे मानते हैं कि मौजूदा 'युद्ध की स्थिति' ने उनके काम को काफी कठिन बना दिया है. तेहरान की गलियों में सन्नाटा है और हवा में तनाव महसूस किया जा सकता है.

मुजतबा खामेनेई के नाम पर सस्पेंस

पिछले कुछ दिनों से इजरायली मीडिया में यह खबरें तैर रही थीं कि खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को अगला उत्तराधिकारी चुन लिया गया है. हालांकि, ईरान सरकार ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि मीडिया में चल रहे संभावित उम्मीदवारों के नामों का कोई आधिकारिक स्रोत नहीं है. जब तक आधिकारिक तौर पर तेहरान से कोई ऐलान नहीं होता, इन दावों को अफवाह ही माना जाना चाहिए.

ईरान का कहना है कि इजरायली मीडिया जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है. सच्चाई यह है कि उत्तराधिकारी का चयन असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का एक गोपनीय फैसला होता है, जिसे युद्ध के माहौल में और भी गुप्त रखा जा रहा है.

तेहरान में अंतिम विदाई और गहराता युद्ध

आज रात तेहरान के इमाम खुमैनी प्रेयर ग्राउंड में दिवंगत सुप्रीम लीडर को विदाई देने के लिए लोग जमा होंगे. यह शोक समारोह तीन दिनों तक चलेगा. लेकिन दुख की इस घड़ी में भी हथियारों की गूंज शांत नहीं हुई है. करीब एक हफ्ते पहले जब अमेरिका और इजरायल के हमलों में अयातुल्ला खामेनेई और अन्य बड़े नेताओं की मौत हुई, उसके बाद से ही यह संघर्ष चरम पर पहुंच गया है.

ईरान ने भी हाथ पर हाथ धरकर बैठने के बजाय जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. तेहरान ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली संपत्तियों को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए हैं. अब लड़ाई सिर्फ सरहदों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सत्ता के केंद्र को सुरक्षित रखने की जंग बन गई है.

इजरायल का अगला कदम क्या होगा?

इजरायल का रुख बेहद आक्रामक है. वे नहीं चाहते कि ईरान की सत्ता में कोई भी ऐसा व्यक्ति बैठे जो इजरायल के लिए खतरा बना रहे. यही वजह है कि उन्होंने 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' की मीटिंग को ही निशाना बनाने की धमकी दी है. अगर इजरायल वाकई उस मीटिंग पर हमला करता है जहां ईरान के सबसे बड़े धार्मिक और राजनीतिक नेता मौजूद होंगे, तो यह पूरे मिडिल ईस्ट को एक ऐसी आग में झोंक देगा जिसे बुझाना नामुमकिन होगा.

ईरान के लिए यह समय सिर्फ एक नेता चुनने का नहीं है, बल्कि अपने अस्तित्व को बचाने का भी है. बिना सुप्रीम लीडर के देश की कमांड फिलहाल लीडरशिप काउंसिल के पास है, लेकिन एक चेहरा होना जरूरी है जो जनता और सेना को एकजुट रख सके.

क्या होगा ईरान का अगला कदम?

ईरान और इजरायल के बीच की यह दुश्मनी अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ गई है. जहां एक तरफ ईरान अपने नए मुखिया की तलाश में है, वहीं इजरायल उस तलाश को ही खत्म कर देने पर आमादा है.

आने वाले तीन दिन न सिर्फ अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह भी तय करेंगे कि ईरान का भविष्य किस दिशा में जाएगा. क्या ईरान बिना किसी बड़े हमले के नया नेता चुन पाएगा या इजरायल अपनी धमकी को हकीकत में बदल देगा? दुनिया की नजरें अब तेहरान के अगले फैसले पर टिकी हैं.

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