&format=webp&quality=medium)
(फोटो साभार - एमेनुएल मैक्रों के टि्वटर अकाउंट से)
देश के तटीय राज्यों में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की फ्रांस सरकार ने योजना बनाई है. इसको ध्यान में रखते हुए फ्रांस सरकार इस साल अक्टूबर में गोवा में निवेश सम्मेलन आयोजित करने की योजना बना रही है, ताकि फ्रांसीसी कंपनियों को तटीय राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. इस आशय का एक प्रस्ताव जल्द ही गोवा सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा. मुंबई में फ्रांस के महावाणिज्य दूत सोनिया बैरी ने यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि इस तरह का पहला सम्मेलन पिछले साल नागपुर में आयोजित किया गया था, जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भाग लिया था. उस कॉन्क्लेव के दौरान, फ्रेंच और भारतीय कंपनियों के बीच कई समझौता ज्ञापन (एमओयू) और आशय पत्र (एलओआई) पर हस्ताक्षर किए गए थे. अब, हम गोवा में फ्रांसीसी निवेश लाने की कोशिश करेंगे."
'फ्रैंको गोवा इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव' का असर ग्रीन मैरिनस, हेल्थ, मेडिकल इक्विपमेंट और वेस्ट मैनेजमेंट के अलावा अन्य क्षेत्रों में निवेश के रूप में दिखेगा. उन्होंने कहा कि "हमारे पास फ्रांस की कुछ कंपनियां हैं जो पर्यावरण को बिगाड़े बिना टिकाऊ मारिना बनाना जानती हैं,".
भारत-फ्रांस के नौसैनिक अभ्यास 'वरुणा' की देखरेख के लिए गोवा में रहे बर्बरी ने हाल में गोवा के मुख्य सचिव परिमल राय से मुलाकात की और गोवा में फ्रांस के आर्थिक हितों पर चर्चा की. उसने कहा कि कुछ फ्रांसीसी कंपनियां गोवा में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने की इच्छुक हैं.
अपनी यात्रा के दौरान, कॉन्सल जनरल ने गोवा विश्वविद्यालय के कुलपति वरुण सहानी से भी मुलाकात की, जो कि गोवा विश्वविद्यालय में 20-25 मई से आयोजित होने वाली फ्रांसीसी शिक्षकों की आगामी कार्यशाला की तैयारियों के बारे में चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि भारत, श्रीलंका और नेपाल के विभिन्न कॉलेजों के लगभग 130 शिक्षक कार्यशाला में भाग लेंगे, जिससे उनके शैक्षणिक कौशल में सुधार होगा.