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भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों की गाड़ी तेज रफ्तार पकड़ रही है. कभी टेक्नोलॉजी, कभी डिफेंस और अब एनर्जी सेक्टर में नई डील की गूंज सुनाई दे रही है. अमेरिका के नामित राजदूत सर्गियो गोर ने साफ शब्दों में कहा है- "India-US deal is not far". उनके इस बयान ने भारत-अमेरिका संबंधों पर एक बार फिर से बहस छेड़ दी है.
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान सर्गियो गोर ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत का बाजार अमेरिकी क्रूड ऑयल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और LNG (Liquified Natural Gas) के लिए खुले. उन्होंने कहा, "हम दोनों देशों के बीच एनर्जी सेक्टर में बड़ी साझेदारी देख रहे हैं और समझौता बहुत दूर नहीं है."
सर्गियो गोर ने भारत की ताकत पर जोर देते हुए कहा कि भारत का मिडिल क्लास पूरे अमेरिका से बड़ा है. ये वो वर्ग है जो न सिर्फ कंज्यूमर है, बल्कि मार्केट की दिशा भी तय करता है. इसका मतलब साफ है- अमेरिका भारत को सबसे बड़े संभावित बाजार की तरह देख रहा है.
जहां एक तरफ अमेरिकी राजदूत भारत को बड़े बाजार के रूप में देखते हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने वही पुराना राग भी छेड़ दिया— भारत को रूस से तेल खरीद बंद करनी चाहिए. यूक्रेन युद्ध के बाद से अमेरिका लगातार चाहता है कि भारत रूसी कच्चे तेल से दूरी बनाए. हालांकि, भारत बार-बार साफ कर चुका है कि उसकी ऊर्जा जरूरतें सबसे पहले हैं और जहां से सस्ता तेल मिलेगा, वहीं से खरीदेगा.
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एनर्जी कंज्यूमर है. अमेरिका के पास शेल गैस और ऑयल की बड़ी सप्लाई है. दोनों देशों की साझेदारी से-
राजदूत के इस बयान से साफ है कि बैकग्राउंड में बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है. ट्रेड डील्स अक्सर सालों खिंचती हैं, लेकिन इस बार सिग्नल कुछ और ही हैं. भारत और अमेरिका दोनों चाहते हैं कि 2026 से पहले एनर्जी सेक्टर में बड़ा समझौता सामने आए.
अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर का बयान केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि आने वाले समय की बड़ी तस्वीर दिखाता है. भारत और अमेरिका के रिश्ते अब सिर्फ रक्षा या टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं हैं. ऊर्जा की भूख और सप्लाई का गणित दोनों देशों को और करीब ला रहा है. लेकिन असली सवाल यही है- क्या भारत अमेरिका का तेल खरीदेगा और रूस से किनारा करेगा? इसका जवाब आने वाले महीनों में दुनिया की राजनीति को नई दिशा देगा.
A: FTA वह समझौता है जिसमें दो देश आपसी व्यापार पर टैक्स और टैरिफ कम या खत्म कर देते हैं.
A: LNG यानी Liquefied Natural Gas को बहुत ठंडा करके तरल रूप में रखा जाता है, जबकि CNG यानी Compressed Natural Gas गैस को दबाव में भरकर इस्तेमाल की जाती है.
A: क्रूड ऑयल कच्चा तेल होता है जिसे रिफाइनरी में प्रोसेस करके पेट्रोल, डीजल, LPG और अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं.
A: मिडिल क्लास उन लोगों का वर्ग है जिनकी आमदनी बेसिक जरूरतों से ऊपर है लेकिन वे अमीर वर्ग में शामिल नहीं हैं.
A: दुनिया की अर्थव्यवस्था एनर्जी पर निर्भर है. अगर तेल और गैस की सप्लाई बाधित होती है तो कीमतें बढ़ जाती हैं और महंगाई का असर हर देश पर पड़ता है.