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India और Russia एक बार फिर अपनी Strategic Defence Partnership को नई दिशा देने जा रहे हैं. दुनिया पहले ही BrahMos को दुनिया की सबसे तेज़ Supersonic Cruise Missile में गिनती है, लेकिन अब भारत चाहता है इसका Next-Step यानी BrahMos NG, हल्की, तेज़ और Aircraft Friendly Version.
यही नहीं, दोनों देश लंबी दूरी वाले BrahMos वर्ज़न पर भी गंभीर चर्चा करेंगे, जो मौजूदा रेंज से कई गुना ज्यादा दूरी तक टारगेट हिट कर सकेगा. ये बातचीत Russian President Vladimir Putin की दो दिवसीय India यात्रा के दौरान होने वाली है.
कुछ महीने पहले Pakistan के खिलाफ Operation Sindoor में BrahMos ने अपनी ताकत साबित कर दी थी. चार दिन के ऑपरेशन में ये मिसाइल इतनी प्रभावी रही कि Indian Forces ने साफ कहा कि हमें अब इससे आगे की क्षमता चाहिए. यही वजह है कि BrahMos NG और Extended Range Versions अब Defence Priority बन चुके हैं.
भारत वर्तमान BrahMos को Su-30MKI पर ले जाता है, लेकिन एक Limit है, वजन और साइज. BrahMos NG (Next Generation) इस कमी को पूरा करेगा-
इससे Su-30MKI, Tejas Mk-1A, Mk-2 और भविष्य के MRFA jets तक इसे ले जा सकेंगे. यानी Air Force को मिलेगा एक ऐसा Weapon Option जो High Precision Strike करेगा और तेज़ Response के साथ लंबी दूरी तक दुश्मन के Camp को ध्वस्त कर सकता है.
India-Russia ऐसे BrahMos Variant पर भी चर्चा करेंगे जो मौजूदा रेंज से तीन गुना ज्यादा दूरी तक जा सके. इसका फोकस होगा-
Land + Sea दोनों Domian में इसकी क्षमता भारत को Long Distance Strike Power देगी, खासकर Northern Borders और Indian Ocean Region में.
BrahMos सिर्फ missile नहीं, ये India-Russia Defence Friendship का प्रतीक है. इसका Development, Production और Testing, सब कुछ Joint है. Army, Navy, Air Force तीनों में Induction हो चुका है.
Putin की यात्रा में दोनों देश Hypersonic Systems, Long-Range Air-to-Air Missile और Next-Gen Weapon Programs पर Cooperation बढ़ाने पर भी बात कर सकते हैं.
India पहले ही S-400 का बड़ा Contract साइन कर चुका है, और यह सिस्टम हाल के Border Tension में बेहद कारगर साबित हुआ. रिपोर्ट्स कहती हैं कि अब 280 नई Missiles के ऑर्डर पर भी फैसला हो सकता है. S-400 भारत की Air Defence Shield में Frontline Role निभाता है, दुश्मन Aircraft से लेकर Missiles तक सबको रोकने में सक्षम.
Philippines पहले ही BrahMos खरीद चुका है. Southeast Asia के कई देश Line में हैं. Speed + Accuracy + Low Reaction Time = इसे बनाते हैं एक Deadly Weapon. Western Missiles की तुलना में यह Fast और Cost Effective भी है. India का Defence Export Target अब ₹80,000 Cr+ तक पहुंचाने का Roadmap है और BrahMos इसमें Key Driver बन सकता है.
Q1. BrahMos NG क्या है?
एक हल्का, कॉम्पैक्ट और फाइटर जेट फ्रेंडली BrahMos वर्ज़न जो 400 km+ रेंज तक टारगेट हिट कर सकेगा.
Q2. Putin की भारत यात्रा में क्या फोकस रहेगा?
BrahMos Upgrade, Long-Range Variant, S-400 Missiles और Defence Technology Cooperation.
Q3. Long-Range BrahMos कब आ सकता है?
प्रोजेक्ट पर चर्चा शुरू होगी. Development के बाद कुछ साल में Deployment संभव.
Q4. S-400 Missiles की नई खरीद क्यों जरूरी?
Border Security और Air Defence Shield को और मजबूत करने के लिए.
Q5. क्या BrahMos का Export बढ़ेगा?
हां. Philippines के बाद कई Asian Nations Interest दिखा रहे हैं.