India Pakistan Tension: अमेरिका की भारत-पाकिस्तान को सलाह, दोनों देश जल्द से जल्द निपटाए विवाद

India Pakistan Conflict: पूरी दुनिया की निगाहें इस वक्त भारत-पाकिस्तान के बीच बन चुकी युद्ध जैसी स्थितियों पर है. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट काफी बढ़ गई है.
India Pakistan Tension: अमेरिका की भारत-पाकिस्तान को सलाह, दोनों देश जल्द से जल्द निपटाए विवाद

India Pakistan Conflict: पूरी दुनिया की निगाहें इस वक्त भारत-पाकिस्तान के बीच बन चुकी युद्ध जैसी स्थितियों पर है. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट काफी बढ़ गई है. पाकिस्तान की तरफ से भारत की सीमा क्षेत्र में लगातार ड्रोन के हमले बढ़ गए हैं. हालांकि, भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम इसका बड़ी ही कड़ाई से जवाब दे रहा है. इन सबके बीच अमेरिका लगातार भारत और पाकिस्तान से शांति की अपील कर रहा है.

अमेरिका ने की शांति की अपील

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव पर कहा, "यह कुछ ऐसा है जिसमें विदेश मंत्री और अब हमारे NSA मार्को रुबियो भी शामिल हैं. राष्ट्रपति ने व्यक्त किया है कि वह चाहते हैं कि यह तनाव जल्द से जल्द कम हो जाए. वह समझते हैं कि राष्ट्रपति ट्रम्प के ओवल ऑफिस में आने से बहुत पहले से ये दोनों देश दशकों से एक-दूसरे के साथ मतभेद में रहे हैं. हालांकि, उनके दोनों देशों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं. विदेश मंत्री मार्को रुबियो दोनों देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं, इस संघर्ष को समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं."

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भारत-पाकिस्तान संघर्ष से हमारा कोई सरोकार नहीं - अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष "से मूलतः हमारा कोई सरोकार नहीं है", हालांकि वह और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों देशों को तनाव कम करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं.

अंतर्राष्ट्रीय संघर्षों से अमेरिका के अलग होने के समर्थक रहे वेंस ने फॉक्स न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "हम जो कर सकते हैं, वह यह है कि इन लोगों को थोड़ा तनाव कम करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास करें, लेकिन हम युद्ध के बीच में शामिल नहीं होने जा रहे हैं, जिससे मूल रूप से हमारा कोई सरोकार नहीं है और इसका अमेरिका की इसे नियंत्रित करने की क्षमता से कोई लेना-देना नहीं है. आप जानते हैं, अमेरिका भारतीयों से हथियार डालने के लिए नहीं कह सकता. हम पाकिस्तानियों से हथियार डालने के लिए नहीं कह सकते. और इसलिए, हम कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से इस मामले को आगे बढ़ाने जा रहे हैं."

उन्होंने कहा, "हमारी आशा और अपेक्षा है कि यह एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध या, भगवान न करे, एक परमाणु संघर्ष में न बदले. अभी, हमें नहीं लगता कि ऐसा होने वाला है."

यह सारी टिप्पणियां ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान ने जम्मू, पठानकोट और कई अन्य शहरों में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने का असफल प्रयास किया. भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने इस्लामाबाद द्वारा दागी गई कम से कम आठ मिसाइलों को मार गिराया.

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान "जैसे को तैसा" वाली कार्रवाइयों को "बंद" करें, उन्होंने कहा कि अगर वह "मदद" के लिए कुछ कर सकते हैं, तो जरूर करेंगे.

उन्होंने कहा, "यह बहुत भयानक है. मेरी स्थिति यह है कि मैं दोनों के साथ मिलकर काम करता हूं. मैं दोनों को बहुत अच्छी तरह से जानता हूं और मैं उन्हें इसे हल करते हुए देखना चाहता हूं. मैं उन्हें रुकते हुए देखना चाहता हूं और उम्मीद है कि वे अब रुक सकते हैं. उन्होंने जैसे को तैसा किया है, इसलिए उम्मीद है कि वे अब रुक सकते हैं. मैं दोनों को जानता हूं, हम दोनों देशों के साथ बहुत अच्छे से मिलकर काम करते हैं."

भारत और पाकिस्तान के बीच "युद्ध" पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "अगर मैं मदद के लिए कुछ कर सकता हूं, तो मैं करूंगा."

पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम गांवों को निशाना बनाकर तोपों और मोर्टार से गोलाबारी की. इससे पहले, भारत ने मंगलवार-बुधवार की रात 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की और 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पंजाब प्रांत में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.

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