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ईरान में फंसे भारतीयों के लिए आया बड़ा अलर्ट
ईरान में हालात तेजी से बदल रहे हैं और हर गुजरते घंटे के साथ स्थिति और ज्यादा गंभीर होती जा रही है. ऐसे माहौल में भारत सरकार ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए साफ संदेश जारी किया है.
तेहरान में भारतीय दूतावास की तरफ से कहा गया है कि किसी भी तरह की जल्दबाजी या बिना सोचे-समझे उठाया गया कदम जोखिम भरा हो सकता है. इसलिए अभी सबसे जरूरी है सतर्क रहना और सही फैसले लेना.
भारतीय दूतावास ने अपने एडवाइजरी में साफ कहा है कि इस समय सबसे सुरक्षित यही है कि लोग जहां हैं वहीं रहें. किसी भी तरह की यात्रा या लोकेशन बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. हालात कब और कैसे बदल जाएं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. ऐसे में एक जगह रुककर सुरक्षित रहना ही बेहतर विकल्प माना जा रहा है.
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अगर किसी वजह से कहीं जाना जरूरी भी लगता है, तब भी अपने स्तर पर कोई फैसला लेने से मना किया गया है. दूतावास ने कहा है कि किसी भी तरह की मूवमेंट से पहले उनसे संपर्क करना जरूरी है. उनकी स्पष्ट अनुमति और गाइडेंस मिलने के बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए. खासकर बॉर्डर की ओर जाने से पहले तो बिल्कुल भी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.
भारतीय दूतावास ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वह हर स्थिति में अपने नागरिकों की मदद के लिए मौजूद है. इसके लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जिन पर संपर्क कर लोग अपनी समस्या बता सकते हैं और जरूरी गाइडेंस ले सकते हैं. इस समय दूतावास के संपर्क में बने रहना बेहद जरूरी माना जा रहा है.
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है, जिसने पूरे माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है. उन्होंने कहा कि एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है और आज की रात बेहद अहम हो सकती है. इस तरह के बयान ने पहले से ही संवेदनशील स्थिति को और ज्यादा गंभीर बना दिया है.
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान में पूरी तरह से सत्ता परिवर्तन हो सकता है. उन्होंने संकेत दिया कि नई सोच वाले लोग आगे आ सकते हैं और एक नया दौर शुरू हो सकता है. हालांकि यह सब संभावनाओं के तौर पर कहा गया है, लेकिन इससे यह साफ है कि मामला सिर्फ सैन्य तनाव तक सीमित नहीं है.
ट्रंप ने ईरान को एक तय समय दिया है और कहा है कि अगर उस समय तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने पावर प्लांट और पुल जैसे अहम ढांचे को निशाना बनाने की बात कही है. इससे यह साफ होता है कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो असर बहुत व्यापक हो सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमला होता है तो वह बहुत तेजी से होगा और कुछ ही घंटों में बड़े स्तर पर नुकसान हो सकता है. इस तरह की चेतावनी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्थिति कितनी संवेदनशील हो चुकी है.
ट्रंप के मुताबिक ईरान को पहले बातचीत के लिए समय दिया गया था. उन्होंने बताया कि ईरान ने कुछ दिनों की मांग की थी और उसे समय भी दिया गया. लेकिन अब वह समय खत्म होने के करीब है और आगे क्या होगा, यह साफ नहीं है.
इन सभी घटनाओं के बीच सबसे ज्यादा चिंता ईरान में मौजूद भारतीयों को लेकर है. ऐसे हालात में किसी भी तरह की लापरवाही खतरा बढ़ा सकती है. इसलिए दूतावास की सलाह को गंभीरता से लेना जरूरी है. सतर्क रहना, अपडेट लेते रहना और बिना सलाह कोई कदम न उठाना ही इस समय सबसे समझदारी भरा फैसला है.