Earthquake: सुबह-सुबह फिर हिली तिब्बत की धरती! भूकंप के झटकों से सहमे लोग घर के बाहर भागे, जानें क्या थी तीव्रता

Earthquake in Tibet: पड़ोसी देश तिब्बत में शुक्रवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए. हालांकि इससे किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
Earthquake: सुबह-सुबह फिर हिली तिब्बत की धरती! भूकंप के झटकों से सहमे लोग घर के बाहर भागे, जानें क्या थी तीव्रता

Earthquake in Tibet: पड़ोसी देश तिब्बत में शुक्रवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए. हालांकि इससे किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है. तिब्बत में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. भारतीय समयानुसार भूकंप 9 बजकर 27 मिनट और 27 सेकंड पर आया था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई. इसकी गहराई 20 किलोमीटर थी. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसकी जानकारी दी.

रविवार को भी आया था भूकंप

रविवार को भी यहां भूकंप आया था. इसकी तीव्रता 3.8 थी. भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी. इसमें जानमाल की हानि नहीं पहुंची थी. यह भूकंप 12 मई को इसी क्षेत्र में आए 5.7 तीव्रता के भूकंप के बाद आया था.

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क्यों आता है तिब्बत में बार-बार भूकंप

तिब्बती पठार टेक्टोनिक प्लेट टकराव के कारण होने वाली भूकंपीय गतिविधि के लिए जाना जाता है. तिब्बत और नेपाल एक प्रमुख भूगर्भीय रेखा पर स्थित हैं, जहां भारतीय टेक्टोनिक प्लेट यूरेशियन प्लेट में ऊपर की ओर धकेलती है. यह हिमालय की चोटियों की ऊंचाई को बदलने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. इस गतिविधि के कारण ही तिब्बत में भूकंप आते रहते हैं.

नेपाल भी आएं भूकंप के झटके

शुक्रवार को ही पड़ोसी देश नेपाल में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेपाल में गुरुवार की रात 10:30 बजे के आसपास भूकंप आया था. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई और यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था.

कहां तक महसूस हुए झटके

नेपाल के अलावा इंडोनेशिया और ताजिकिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. ताजिकिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता 3.9 थी. वहीं, इंडोनेशिया के दक्षिणी सुमात्रा में धरती कांपी. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.9 मापी गई है. जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के मुताबिक, भूकंप जमीन के 10 किलोमीटर अंदर था. भूकंप के इतने तेज झटके महसूस होने के बाद लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. फिलहाल किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.

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