डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा - न्यूक्लियर हथियार ना रखने पर ईरान सहमत

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमत हो गया है और दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है. अगर समझौता होता है और प्रतिबंधों में राहत मिलती है तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ सकती है, जिससे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है.
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा - न्यूक्लियर हथियार ना रखने पर ईरान सहमत

मिडिल ईस्ट में चल रहे क्राइसिस के बीच बड़ा अपडेट, ट्रंप ने दी बड़ी राहत! (फोटो - AI)

लंबे समय से मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध अब शायद थम सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप (Donald Trump) की ओर से एक बड़ा बयान आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान न्यूक्लियर हथियार ना रखने की बात पर सहमत हो गया है. अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का नया बयान वैश्विक बाजारों के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है.

ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमति जताई है और दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में स्थिति बदल सकती है, लेकिन फिलहाल बातचीत सकारात्मक दिशा में जाती दिख रही है.

ईरान के साथ सहमति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी था कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करे. उनके मुताबिक, यह बातचीत का सबसे अहम मुद्दा था और ईरान इस पर सहमत हुआ है.

हालांकि दूसरी तरफ ईरान की ओर से इस बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरानी नेतृत्व ने कुछ समय के लिए संवाद सीमित किया था.

क्या हट सकते हैं प्रतिबंध?

बाजार की नजर अब इस बात पर है कि क्या ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत मिल सकती है. संकेत मिल रहे हैं कि अगर समझौता आगे बढ़ता है तो आने वाले महीनों में तेल निर्यात और सप्लाई पर लगी कुछ पाबंदियों में ढील दी जा सकती है.

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अगर ऐसा होता है तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ सकती है, जिससे क्रूड की कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है. ऊर्जा लागत कम होने से कई सेक्टर्स को राहत मिल सकती है.

किन सेक्टर्स को मिल सकता है फायदा?

अगर तेल की कीमतों में नरमी आती है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा उन सेक्टर्स को मिल सकता है जहां कच्चे तेल का सीधा असर लागत पर पड़ता है. पेंट, केमिकल, एविएशन, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs), रिफाइनिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को इससे सपोर्ट मिल सकता है. कम ऊर्जा लागत से महंगाई पर भी दबाव घट सकता है.

भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

भारत दुनिया के बड़े कच्चा तेल आयातकों में शामिल है. ऐसे में अगर तेल की कीमतें नीचे आती हैं तो देश का आयात बिल कम हो सकता है. इससे चालू खाते (Current Account) पर दबाव घट सकता है, महंगाई को नियंत्रण में रखने में मदद मिल सकती है और व्यापक आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सकती है.

हालांकि बाजार की अगली दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान-अमेरिका बातचीत किस स्तर तक पहुंचती है, प्रतिबंधों पर क्या फैसला होता है और तेल बाजार इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है.

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