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Donald Trump Reciprocal Tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बुधवार को अपने Reciprocal Tariff को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है. ट्रंप ने अमेरिका के लगभग सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर नए शुल्क लगाने का ऐलान कर दिया है. जिसमें चीन से आयात पर 34 फीसदी और यूरोपीय यूनियन पर 20 फीसदी टैक्स लगाने की बात कही है. भारत के ऊपर भी अमेरिका ने 26 फीसदी का जवाबी शुल्क लगाया है. अमेरिका के इस नए कदम से ग्लोबल इकोनॉमी पर काफी ज्यादा असर पड़ने और नए ट्रेड वॉर शुरू होने का खतरा है. ट्रंप ने अपने नए टैरिफ प्लान में 10 फीसदी से लेकर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाने की बात कही है. आइए जानते हैं कि इन नए टैरिफ का भारत पर क्या असर पड़ सकता है.
आसान भाषा में समझें तो डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अपने सभी व्यापारिक साझेदारों के ऊपर उतना ही शुल्क लगाएगा, जितना कि दूसरे देश उसके ऊपर लगा रहे हैं. ट्रंप के अनुसार, ये देश दशकों से अमेरिका के साथ यही करते आ रहे हैं. उन्होंने कहा, "करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा है... लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है."
राष्ट्रपति ने वादा किया कि इन टैरिफ के बाद अमेरिका के कारखानों में नौकरियां वापस आएंगी, लेकिन उनकी नीतियों से अचानक आर्थिक मंदी का खतरा है क्योंकि उपभोक्ताओं और व्यवसायों को कीमतों में भारी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने इसे न केवल एक आर्थिक मुद्दा बताया, बल्कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न भी बताया, जो ‘‘हमारी जीवन-शैली’’ के लिए खतरा है.
भारत के ऊपर लगाए गए 26 फीसदी ट्रंप टैरिफ का कितना असर होने वाला है, इसे लेकर कॉमर्स मिनिस्ट्री एनालिसिस कर रही है. एक बड़े सरकारी अधिकारी ने इसे लेकर कहा कि अमेरिका में सभी आयात पर एक समान 10 प्रतिशत का शुल्क पांच अप्रैल से और शेष 16 प्रतिशत शुल्क 10 अप्रैल से लागू होगा.
अधिकारी ने बताया कि कॉमर्स मिनिस्ट्री इन टैरिफ का भारत पर क्या असर पड़ने वाला है, इसे लेकर विश्लेषण कर रहा है. उन्होंने बताया कि इन टैरिफ के साथ एक प्रावधान ये भी कि अगर कोई देश अमेरिका की चिंताओं का समाधान करता है, उसके टैरिफ को घटाने को लेकर बात की जा सकती है. भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है. दोनों देश इस साल की शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) तक समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.
अधिकारी ने कहा कि यह टैरिफ भारत के लिए एक झटका नहीं, बल्कि मिला-जुला नतीजा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विभिन्न देशों से आयात पर शुल्क लगाने की घोषणा करते हुए भारत द्वारा लगाए गए ऊंचे शुल्कों का भी जिक्र किया है.
अमेरिका में फिच रेटिंग्स के आर्थिक शोध के प्रमुख ओलु सोनोला ने कहा कि अमेरिका द्वारा विभिन्न देशों से वसूले जाने वाले औसत शुल्क की दर 2024 के ढाई प्रतिशत से बढ़कर करीब 22 प्रतिशत हो जाएगी. सोनोला ने कहा कि अब कई देश मंदी की गिरफ्त में आ जाएंगे.