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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक का राजनीतिक फंड जुटा लिया.
राजनीति में पैसा सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं होता, यह वह ताकत है जो हवाओं का रुख मोड़ देती है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को अपनी इसी ताकत से रूबरू कराया है.
ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने 1.5 बिलियन डॉलर (करीब 1.5 अरब डॉलर) से ज्यादा का एक विशाल राजनीतिक फंड यानी 'वॉर चेस्ट' तैयार कर लिया है. यह रकम इतनी बड़ी है कि इससे न सिर्फ 2026 के मिडटर्म चुनाव प्रभावित होंगे, बल्कि 2028 में उनके उत्तराधिकारी की रेस भी तय हो जाएगी.
अमेरिकन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (ABC News) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का दावा है कि 2024 के चुनाव के बाद से उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक संस्थाओं के जरिए 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक की राशि जुटाई है. यह रकम लगभग उतनी ही है जितनी उन्होंने और उनके सहयोगी ग्रुप्स ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव को जीतने में खर्च की थी.
अगर तुलना करें तो राष्ट्रपति जो बाइडन की समितियों और डीएनसी (DNC) ने अपने पहले साल में केवल 97 मिलियन डॉलर जुटाए थे. यानी ट्रंप का फंड बाइडन के मुकाबले 15 गुना से भी ज्यादा बड़ा है.
जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी रकम रखने का मुख्य मकसद नवंबर में होने वाले चुनावों में अपना दबदबा बनाए रखना है. ट्रंप नहीं चाहते कि 2018 की तरह इस बार भी उनके एजेंडे में कोई रुकावट आए.
इस फंड की बदौलत रिपब्लिकन पार्टी ने फिलहाल डेमोक्रेट्स पर बड़ी वित्तीय बढ़त बना ली है.
| डोनाल्ड ट्रंप (GOP) | 1.5 बिलियन डॉलर + |
| जो बाइडन (DNC) | 97 मिलियन डॉलर |
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि यह पैसा सिर्फ पार्टी को जिताने के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों को जवाब देने के लिए भी है जो उनके टैरिफ (Tariff) या अन्य नीतियों का विरोध करते हैं. उनके निशाने पर रिपब्लिकन पार्टी के ही कुछ बड़े नाम हैं.
थॉमस मैसी पर नजर: केंटकी के प्रतिनिधि थॉमस मैसी, जिन्होंने ट्रंप के टैक्स पैकेज का विरोध किया था, अब ट्रंप के रडार पर हैं. ट्रंप प्राइमरी चुनाव में उनके खिलाफ भारी पैसा खर्च कर उन्हें हराने की कोशिश कर सकते हैं.
पुराने हिसाब-किताब: लुइसियाना के सीनेटर बिल कासिडी, जिन्होंने महाभियोग के दौरान ट्रंप के खिलाफ वोट दिया था, उनके खिलाफ भी ट्रंप ने एक प्रतिद्वंद्वी को अपना समर्थन दे दिया है.
चेतावनी का असर: ट्रंप की इस आक्रामक रणनीति से पार्टी के अंदर भी खलबली मची हुई है. हालांकि, इतिहास गवाह है कि ट्रंप हमेशा अपनी जेब नहीं खोलते, लेकिन इस बार फंड इतना बड़ा है कि समीकरण बदल सकते हैं.
इस विशाल फंड का एक बड़ा हिस्सा 'MAGA Inc.' नामक सुपर पीएसी (Super PAC) से आता है, जिसने 2025 के आखिरी महीनों में 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा जुटाए. लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसे रास्ते हैं जहां से पैसा ट्रंप के खजाने में पहुंच रहा है.
ओपनएआई (OpenAI) के को-फाउंडर ग्रेग ब्रॉकमैन और उनकी पत्नी ने पिछले साल 25 मिलियन डॉलर का दान दिया. इसके अलावा क्रिप्टो इंडस्ट्री और बड़ी तंबाकू कंपनियों ने भी ट्रंप पर भरोसा जताया है.
ABC की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के एक बैंकर की बेटी ने 3.5 मिलियन डॉलर का दान दिया, जिसके बाद ट्रंप ने उनके पिता को रिश्वतखोरी के आरोपों से माफी (Pardon) दे दी.
ट्रंप आज भी अपने समर्थकों को रोजाना कई-कई ईमेल भेजकर चंदा मांगते हैं. उनके संदेशों में अक्सर भावनात्मक अपील होती है जो समर्थकों को पैसा देने के लिए प्रेरित करती है.