&format=webp&quality=medium)
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (Image Source-X)
दुनिया इस वक्त एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां से वापसी का रास्ता बहुत मुश्किल नजर आ रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब सिर्फ जुबानी जंग नहीं रहा, बल्कि एक विनाशकारी युद्ध की आहट दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को लेकर अब तक की सबसे सख्त और तीखी चेतावनी जारी की है.
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को तुरंत नहीं खोला, तो उसे वो मंजर देखना होगा जो उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा. ट्रंप ने आने वाले मंगलवार को 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' करार दिया है.
शनिवार को ट्रंप ने ईरान को 10 दिन की मोहलत दी थी कि या तो समझौता करो या होर्मुज का रास्ता खोलो. अब वो वक्त खत्म होने वाला है. रविवार को अपनी पोस्ट में उन्होंने बेहद सख्त लहजे का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं.
इसके बाद ईरान पर कहर टूटने वाला है. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में खुलेआम कहा कि या तो ये रास्ता खोलो या फिर नर्क में रहने के लिए तैयार हो जाओ. उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट्स और ब्रिज को निशाना बनाया जा सकता है.
ये भी पढ़ें: दिनदहाड़े ईरान में घुसकर अमेरिका का बड़ा ऑपरेशन, दोनों पायलट को बचाया, अब ट्रंप करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस, जानें कब
ट्रंप की इस धमकी के बाद ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं है. तेहरान के सेंट्रल मिलिट्री कमांड ने इस पर बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी है. खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के जनरल अली अब्दुल्लाही आलियाबादी ने ट्रंप के बयान को एक असहाय, घबराया हुआ और बेवकूफी भरा कदम बताया है.
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका की इन धमकियों से डरने वाला नहीं है. जनरल आलियाबादी ने कहा कि ट्रंप के इस मैसेज का सीधा मतलब ये है कि अब अमेरिका के लिए भी नरक के दरवाजे खुल जाएंगे.
इस तनाव के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है. ट्रंप ने जानकारी दी है कि ईरान के पहाड़ों के बीच फंसे एक अमेरिकी पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया है. दरअसल, इसी हफ्ते ईरान के एयर डिफेंस ने अमेरिका के एक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया था.
इसके दो क्रू मेंबर वहां फंस गए थे. एक को पहले ही बचा लिया गया था, जबकि दूसरे हाई-प्रोफाइल कर्नल को बचाने के लिए एक बहुत ही खतरनाक ऑपरेशन चलाया गया. पायलट को बचाने के लिए अमेरिकी टीम ने दिन के उजाले में ईरान के ऊपर 7 घंटे बिताए.
ये भी पढ़ें: ईरान में अमेरिकी फाइटर जेट F-15E ढेर, लेकिन पायलटों का 'मिरेकल रेस्क्यू'! ट्रंप ने कहा- दुश्मन के घर में घुसकर निकाला
ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम और रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देने के लिए सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. यह कॉन्फ्रेंस ओवल ऑफिस में सोमवार को भारतीय समयानुसार रात 11.30 बजे होगी, जिसमें सेना के बड़े अधिकारी भी शामिल होंगे.
माना जा रहा है कि इस दौरान मंगलवार को होने वाली कार्रवाई की रूपरेखा दुनिया के सामने आ सकती है. ट्रंप की मंगलवार वाली चेतावनी ने वैश्विक बाजार और तेल सप्लाई को लेकर डर पैदा कर दिया है. अब सबकी नजर सोमवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है कि क्या कूटनीति के लिए कोई जगह बची है या फिर बारूद ही आखिरी रास्ता है.