दुनिया के नक्शे पर इस वक्त मिडिल ईस्ट का इलाका एक ज्वालामुखी की तरह दहक रहा है. अमेरिका और इजरायल के साझा हमले के बाद ईरान की सत्ता में जो हलचल मची है, वह अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत का रास्ता तभी खुलेगा जब तेहरान पूरी तरह से घुटने टेक देगा. ट्रंप ने एक कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि बिना शर्त समर्पण यानी 'अनकंडीशनल सरेंडर' के अलावा कोई विकल्प नहीं है. इस बयान के साथ उन्होंने ईरान के लिए एक नया नारा भी दिया है, जो दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है.
ट्रंप की शर्त और ईरान के लिए नया नारा
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- ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा है कि ईरान के साथ कोई डील नहीं होगी, सिर्फ बिना शर्त समर्पण स्वीकार किया जाएगा.
- उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी, खासकर इजरायल, तभी किसी समझौते पर विचार करेंगे जब ईरान का नेतृत्व पूरी तरह बदल जाए.
- ट्रंप एक ऐसे नेतृत्व की तलाश में हैं जिसे वे 'शानदार और स्वीकार्य' मानते हैं.
- उन्होंने अपनी पुरानी राजनीति की तर्ज पर ईरान के लिए एक नया नारा दिया है: 'मेक ईरान ग्रेट अगेन' यानी मिगा.
- ट्रंप का मानना है कि ईरान के वर्तमान हालात में बदलाव लाने के लिए उन्हें ही एक ऐसी सरकार चाहिए जो क्षेत्र में शांति लाए.
हमले के बाद ईरान में मची खलबली
- 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक साझा सैन्य हमले ने ईरान की पूरी राजनीतिक व्यवस्था को हिला दिया है.
- इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खमेनेई समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने की खबरें हैं.
- खमेनेई की मौत के बाद तेहरान की तरफ से बहुत तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है.
- ईरान ने जवाबी हमला करते हुए कई अरब देशों के जरिए अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली संपत्तियों को निशाना बनाया है.
- इजरायल ने भी अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए तेहरान के अलावा लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है.
नए नेतृत्व पर ट्रंप की सीधी नजर
- ट्रंप सिर्फ ईरान के सरेंडर की मांग नहीं कर रहे, बल्कि वे चाहते हैं कि नए नेता के चयन में उनकी सीधी भूमिका हो.
- वे वेनेजुएला की तर्ज पर ईरान की सत्ता परिवर्तन प्रक्रिया को देखना चाहते हैं.
- खमेनेई के बेटे मोजतबा खमेनेई का नाम नए नेता के तौर पर काफी चर्चा में है, लेकिन ट्रंप ने उन्हें सीधे तौर पर नामंजूर कर दिया है.
- ट्रंप का कहना है कि मोजतबा उनके लिए स्वीकार्य नहीं हैं और वे किसी ऐसे व्यक्ति को देखना चाहते हैं जो ईरान में सामंजस्य और शांति ला सके.
- उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने वही पुरानी नीतियां अपनाईं, तो टकराव और भी खतरनाक हो सकता है.
ईरान का रुख और सत्ता संघर्ष
- खमेनेई की मौत के बाद से ईरान ने अभी तक अपने नए नेता के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है.
- हालांकि मोजतबा खमेनेई को इस पद के लिए सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है, क्योंकि उनके संबंध रिवोल्यूशनरी गार्ड के साथ बहुत मजबूत हैं.
- ईरानी सरकार ने मोजतबा के चुने जाने की खबरों को मीडिया की अटकलें बताते हुए आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है.
- मुंबई में ईरानी वाणिज्य दूतावास ने भी स्पष्ट किया है कि नेतृत्व के चयन को लेकर चल रही खबरें बिना किसी आधिकारिक स्रोत की हैं.
- ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स अभी भी इस मंथन में जुटी है कि अगला रास्ता क्या होगा.
क्या करेगा ईरान?
ईरान और अमेरिका के बीच का यह मौजूदा तनाव सिर्फ सीमाओं का नहीं, बल्कि सत्ता की वैधानिकता और भविष्य के नेतृत्व का है. ट्रंप की 'बिना शर्त समर्पण' वाली नीति ने बातचीत के सभी दरवाजे फिलहाल बंद कर दिए हैं.
ईरान के भीतर अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा और ट्रंप की इस दखलंदाजी पर तेहरान क्या कदम उठाएगा, यह आने वाले कुछ दिनों में तय होगा. दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या यह संघर्ष और ज्यादा फैलेगा या फिर ईरान किसी नए रास्ते की तलाश करेगा.