ईरान पर हमलों के बाद ट्रंप का बड़ा दावा, इजरायल नहीं करेगा परमाणु हथियारों का इस्तेमाल, लेकिन ईरान की 95% सैन्य शक्ति कर दी गई नष्ट!

ईरान पर हमलों के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका-इज़राइल की संयुक्त कार्रवाई से ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता 90–95% तक कमजोर हो गई है.असल में स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ में कई जहाज नष्ट किए गए, जबकि क्षेत्रीय तनाव के बीच ग्लोबल सुरक्षा पर चर्चा तेज हो गई है.
ईरान पर हमलों के बाद ट्रंप का बड़ा दावा, इजरायल नहीं करेगा परमाणु हथियारों का इस्तेमाल, लेकिन ईरान की 95% सैन्य शक्ति कर दी गई नष्ट!

हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है. ट्रंप के मुताबिक इन हमलों के बाद ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता लगभग 90 से 95 प्रतिशत तक घट गई है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ के आसपास ईरान के करीब 30 ऐसे जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिनका इस्तेमाल समुद्र में माइन बिछाने के लिए किया जा सकता था. उनका कहना है कि इन जहाजों के नष्ट होने से इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा को बड़ा फायदा मिला है.

ट्रंप ने किया है बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो और अन्य सहयोगी देशों से भी अपील की कि वे स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ में अपने नौसैनिक जहाज तैनात करें, ताकि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. ट्रंप के अनुसार यह रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है.ट्रंप ने यह भी कहा कि इज़राइल ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेगा.

Add Zee Business as a Preferred Source

उन्होंने दोहराया कि इस सैन्य अभियान का मकसद ईरान की सैन्य ताकत, खासकर मिसाइल और नौसैनिक संसाधनों को कमजोर करना है.इसी बीच ईरान के हमलों की आशंका के चलते संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एहतियात के तौर पर अपने देश का एयरस्पेस बंद करने की घोषणा कर दी है.

होर्मुज स्ट्रेट के पास भारत की बढ़ी चौकसी

जी हां हाल ही में हालात को देखते हुए भारत ने भी एहतियात के तौर पर बड़ा कदम उठाया है. जानकारी के मुताबिक भारतीय नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अपने दो युद्धपोत तैनात किए हैं. इनका मकसद इस अहम समुद्री रास्ते से आने-जाने वाले भारतीय व्यापारी जहाजों और तेल-गैस लेकर आने वाले टैंकरों को सुरक्षा देना है.

ईरान में 7000 ठिकानों पर हमले का दावा

इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर बड़ा दावा किया है.
ट्रंप के मुताबिक संघर्ष शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर 7,000 से ज्यादा सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए हैं.

उनका कहना है कि इन हमलों का मुख्य निशाना मिसाइल सिस्टम, ड्रोन ठिकाने और सैन्य ढांचे रहे हैं.
इन कार्रवाइयों से ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता में लगभग 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में करीब 95 प्रतिशत तक कमी आई है.

trump

ट्रंप कांफ्रेंस के प्लाइंट्स समझें

  • डोनाल्ड ट्रंप का दावा, अमेरिका-इज़राइल के हमलों से ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता लगभग 90–95% तक घट गई है
  • ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ के पास ईरान के लगभग 30 माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया है
  • ट्रंप ने नाटो और सहयोगी देशों से स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ में नौसैनिक जहाज तैनात करने की अपील की
  • उन्होंने कहा कि वैश्विक साझेदारों को इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में सहयोग करना होगा
  • ट्रंप: इज़राइल ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेगा
  • ट्रंप ने दोहराया कि इस सैन्य अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं-खासतौर पर मिसाइल और नौसैनिक संसाधनों-को कमजोर करना

नौसैनिक जहाजों और माइन बिछाने वाले जहाजों पर कार्रवाई

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने उन जगहों को भी निशाना बनाया है जहां मिसाइल और ड्रोन तैयार किए जाते थे.
उनके अनुसार यह सैन्य अभियान अभी भी जारी है और अलग-अलग दिशाओं से लगातार हमले किए जा रहे हैं.
हाल के दिनों में 100 से ज्यादा ईरानी नौसैनिक जहाजों को नष्ट या डुबो दिया गया है.
इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट में समुद्र के भीतर माइन बिछाने की क्षमता को भी कमजोर किया गया है और ऐसे 30 से ज्यादा जहाजों को खत्म कर दिया गया है.

ट्रंप के मुताबिक अमेरिकी सेना ने खर्ग आइलैंड के पास भी कार्रवाई की, जहां कई सैन्य ढांचों को नुकसान पहुंचाया गया. हालांकि तेल से जुड़े प्रमुख ढांचों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया, ताकि वैश्विक तेल सप्लाई पर सीधा असर न पड़े.


FAQs

1. ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या दावा किया है?
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका और इज़राइल के हमलों से ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता लगभग 90–95% तक कम हो गई है

2. स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है

3. अमेरिकी नौसेना ने क्या कार्रवाई की?
ट्रंप के मुताबिक अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ के पास ईरान के लगभग 30 माइन बिछाने वाले जहाज नष्ट किए

4. क्या इज़राइल परमाणु हथियार इस्तेमाल करेगा?
ट्रंप ने कहा कि इज़राइल ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेगा

5. UAE ने एयरस्पेस क्यों बंद किया?
ईरानी हमलों की आशंका और बढ़ते सैन्य तनाव के कारण यूएई ने एहतियात के तौर पर अपना हवाई क्षेत्र बंद किया

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6