&format=webp&quality=medium)
डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन पर तंज कसते हुए बड़ा हमला किया है.
अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों में आज एक बड़ी हलचल मची है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ताज़ा सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने पुराने सहयोगियों, खास तौर पर यूनाइटेड किंगडम (UK) को खरी-खोटी सुनाई है.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान के साथ चल रहे युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण ब्रिटेन जैसे देशों में जेट फ्यूल (विमान ईंधन) की भारी किल्लत हो गई. ट्रंप का यह बयान न केवल कड़ा है, बल्कि वैश्विक कूटनीति के बदलते समीकरणों को भी साफ करता है. आइए, समझते हैं कि ट्रंप ने क्या कहा और इसके क्या मायने हैं.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा- वे सभी देश जो होर्मुज जलडमरूमध्य की वजह से जेट फ्यूल नहीं पा रहे हैं, जैसे यूनाइटेड किंगडम- जिसने ईरान के खात्मे (Decapitation) के अभियान में शामिल होने से इनकार कर दिया था- मेरे पास आपके लिए एक सुझाव है. या तो अमेरिका से खरीदें, हमारे पास बहुत तेल है. या थोड़ी हिम्मत दिखाएं, थोड़ी देरी से ही सही, लेकिन साहस जुटाएं, जलडमरूमध्य में जाएं और बस अपना हिस्सा ले (TAKE IT) लें. आपको अब खुद के लिए लड़ना सीखना होगा. अमेरिका अब आपकी मदद के लिए वहां खड़ा नहीं रहेगा, ठीक वैसे ही जैसे आप हमारे लिए खड़े नहीं हुए थे. ईरान लगभग खत्म (Decimated) हो चुका है. कठिन काम पूरा हो चुका है. जाओ और अपना तेल खुद लाओ!"

फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद से ही होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है.
ब्लॉकेड (नाकेबंदी): ईरान समर्थित समूहों और युद्ध की स्थिति के कारण इस रास्ते से तेल की सप्लाई रुक गई है.
ब्रिटेन की स्थिति: ब्रिटेन ने इस युद्ध में अमेरिका का साथ देने से यह कहकर मना कर दिया था कि "यह हमारा युद्ध नहीं है."
असर: आज ब्रिटेन में डीजल की कीमतें 181 पेंस प्रति लीटर (करीब ₹195) तक पहुंच गई हैं और एयरलाइंस को जेट फ्यूल की कमी का सामना करना पड़ रहा है.
ये भी पढ़ें- होर्मुज अब 'Strait of Trump'! अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का नया पैंतरा; ईरान को दिया अल्टीमेटम
'अमेरिका फर्स्ट': ट्रंप साफ कर रहे हैं कि अमेरिका अब दुनिया का 'पुलिसवाला' नहीं बनेगा. जो देश संकट के समय अमेरिका के साथ नहीं थे, उन्हें अब अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) खुद संभालनी होगी.
अमेरिकी तेल का प्रमोशन: ट्रंप चाहते हैं कि यूरोपीय देश खाड़ी देशों के बजाय अमेरिका से कच्चा तेल और गैस खरीदें, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा हो.
सैन्य चुनौती: "Just TAKE IT" कहकर ट्रंप सहयोगियों को उकसा रहे हैं कि वे अपनी नौसेना भेजें और ईरान के कब्जे वाले इलाकों से जबरन अपने टैंकर निकालें.
ये भी पढ़ें- ट्रंप का ईरान को आखिरी अल्टीमेटम! कहा- 'या तो डील करो या फिर अंजाम भुगतने को तैयार रहो'
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने फिलहाल डी-एस्केलेशन (शांति) की अपील की है. लेकिन ट्रंप के इस बयान ने ब्रिटेन के भीतर भी राजनीति गर्मा दी है.
विपक्ष का रुख: ब्रिटेन में विपक्षी नेता कह रहे हैं कि सरकार को अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए उत्तरी सागर (North Sea) में ड्रिलिंग बढ़ानी चाहिए.
सैन्य सीमाएं: बिना अमेरिकी नौसेना के सहयोग के, अकेले ब्रिटेन के लिए होर्मुज में ईरान की मिसाइलों और ड्रोन का सामना करना बहुत चुनौतीपूर्ण होगा.
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान कूटनीतिक शिष्टाचार की सीमाओं को तोड़ता है. यह संदेश देता है कि भविष्य में "दोस्ती" केवल व्यापारिक हितों और सैन्य सहयोग पर टिकी होगी. ब्रिटेन के लिए अब स्थिति 'इधर कुआं उधर खाई' जैसी है- या तो वे अमेरिका की महंगी शर्तों पर तेल खरीदें, या फिर युद्ध के मैदान में उतरकर अपना हक मांगें.
1- क्या होर्मुज जलडमरूमध्य अभी पूरी तरह बंद है?
नहीं, लेकिन वहां युद्ध की स्थिति है. केवल वही टैंकर निकल पा रहे हैं जिन्हें सुरक्षा मिली हुई है या जिन्होंने ईरान के साथ अलग से डील की है.
2- क्या अमेरिका के पास वाकई इतना तेल है कि वह दुनिया को दे सके?
हां, शेल गैस क्रांति के बाद अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक बन चुका है. ट्रंप इसे एक बड़े व्यापारिक अवसर के रूप में देख रहे हैं.
3- ट्रंप ने 'Decapitation' शब्द का इस्तेमाल क्यों किया?
इसका मतलब है कि हालिया हमलों में ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे वह अब कमजोर हो चुका है.
4- ब्रिटेन ने अमेरिका का साथ क्यों नहीं दिया?
ब्रिटेन आर्थिक मंदी और घरेलू विरोध की वजह से एक और मध्य-पूर्व युद्ध में नहीं फंसना चाहता था.
5- भारत पर इसका क्या असर है?
भारत भी इस रास्ते पर बहुत निर्भर है, हालांकि भारत कूटनीतिक रास्तों से अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)