इतने बजते ही क्या सच में खत्म हो जाएगी ईरान की पूरी सभ्यता? टिक-टिक कर रही है डोनाल्ड ट्रंप की घड़ी!

"एक पूरी सभ्यता आज रात खत्म हो सकती है." ट्रंप के इस खौफनाक संदेश ने दुनिया को दहला दिया है. 10 दिन का समय बीत चुका है और अब ईरान के पास सिर्फ कुछ घंटे बचे हैं. क्या कल की सुबह ईरान 'पत्थर युग' में लौट जाएगा? जानिए ट्रंप की डेडलाइन और सत्ता परिवर्तन के दावों का पूरा सच.
इतने बजते ही क्या सच में खत्म हो जाएगी ईरान की पूरी सभ्यता? टिक-टिक कर रही है डोनाल्ड ट्रंप की घड़ी!

डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को आखिरी चेतावनी.

दुनिया इस वक्त अपनी सांसें थामकर घड़ी की सुइयों को देख रही है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब उस मोड़ पर आ गया है, जहां से वापसी का कोई रास्ता नजर नहीं आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कुछ ऐसी बातें लिखी हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है. ट्रंप का सीधा संदेश है कि अगर डेडलाइन तक ईरान ने उनकी शर्तें नहीं मानीं, तो वहां तबाही का वो मंजर दिखेगा जो पहले कभी नहीं देखा गया.

ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि एक पूरी सभ्यता आज रात खत्म हो सकती है. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह ऐसा होते हुए देखना नहीं चाहते, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसकी पूरी आशंका है. यह सिर्फ कोरी धमकी नहीं है, क्योंकि खार्ग द्वीप और ईरान के दूसरे अहम ठिकानों पर अमेरिकी हमलों की खबरें पहले ही आने लगी हैं.

ट्रंप की '8 बजे' वाली डेडलाइन?

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राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के सामने जो 8:00 PM (ईस्टर्न टाइम) की डेडलाइन रखी है, वह भारतीय समय के अनुसार कल सुबह (बुधवार) 5:30 बजे खत्म हो रही है. यानी जब भारत के लोग अपनी सुबह की नींद से जाग रहे होंगे, तब खाड़ी देशों में युद्ध की सबसे भीषण चिंगारी भड़क सकती है. यह पूरा विवाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोलने को लेकर है. ट्रंप ने ईरान को साफ कह दिया है कि अगर तय समय के भीतर इसे नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के हर बिजली घर और पुल को निशाना बनाएगा.

Donald Trump

ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ईरान को सोचने के लिए पर्याप्त समय दिया. ईरान ने 7 दिन की मोहलत मांगी थी, लेकिन ट्रंप ने दरियादिली दिखाते हुए उन्हें 10 दिन का वक्त दिया. अब वह वक्त खत्म होने को है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर इस समय तक समझौता नहीं हुआ, तो सिर्फ 4 घंटे के भीतर ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को मलबे के ढेर में बदल दिया जाएगा. राष्ट्रपति का मानना है कि इस हमले के बाद ईरान के पास न बिजली बचेगी और ना ही आवाजाही के लिए पुल.

सत्ता परिवर्तन और 'क्रांतिकारी' बदलाव की उम्मीद

एक तरफ जहां ट्रंप तबाही की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने ईरान में एक नई शुरुआत का संकेत भी दिया है. उन्होंने दावा किया है कि ईरान में अब 'टोटल रिजीम चेंज' यानी पूरी तरह सत्ता परिवर्तन हो चुका है. ट्रंप के मुताबिक, अब वहां ऐसे लोग सामने आ रहे हैं जो ज्यादा समझदार हैं और कट्टरपंथ से दूर हैं. उनके इस दावे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है कि क्या वाकई तेहरान के भीतर कुछ बड़ा बदल गया है.

ट्रंप ने इस पूरी स्थिति को एक ऐतिहासिक मोड़ बताया है. उनका कहना है कि 47 साल का संघर्ष अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. उन्होंने ईरानी जनता के प्रति अपनी सहानुभूति दिखाते हुए 'गॉड ब्लेस द ग्रेट पीपल ऑफ ईरान' लिखा, जो यह दिखाता है कि उनकी लड़ाई वहां की सरकार से है, ना कि वहां के आम लोगों से.

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अगर डील नहीं हुई तो क्या होगा?

व्हाइट हाउस में हुई हालिया प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने जो नक्शा खींचा, वो वाकई डराने वाला है. उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी सेना का लक्ष्य क्या होगा और वे कितनी सटीकता से हमला करेंगे. ट्रंप ने कहा कि लक्ष्य ईरान की कमर तोड़ना है ताकि वह दोबारा खड़ा न हो सके.

  • पावर ग्रिड पर प्रहार: ईरान के हर एक बिजली संयंत्र को निशाना बनाया जाएगा ताकि पूरा देश अंधेरे में डूब जाए.
  • कनेक्टिविटी का खात्मा: देश के हर प्रमुख पुल को उड़ा दिया जाएगा ताकि सेना और रसद की आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाए.
  • रणनीतिक विनाश: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ये सुविधाएं जलती हुई और फटती हुई दिखेंगी और इन्हें फिर कभी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.

यह हमला इतना भीषण होगा कि ट्रंप के शब्दों में, "पूरे देश को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है, और वो रात शायद कल की रात हो सकती है."

47 साल का हिसाब और हॉर्मुज का संकट

ट्रंप इस पूरी सैन्य कार्रवाई को सिर्फ एक युद्ध के तौर पर नहीं देख रहे हैं. उनके लिए यह दशकों पुराने उस हिसाब को चुकता करने का मौका है, जिसे वह अमेरिकी हितों के खिलाफ मानते आए हैं. हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है, और ट्रंप ने इसे ही अपना मुख्य मुद्दा बनाया है.

उनकी रणनीति बहुत स्पष्ट है, या तो ईरान पूरी तरह झुक जाए और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करे, या फिर अपने विनाश के लिए तैयार रहे. ट्रंप ने बार-बार जोर दिया कि यह "महत्वपूर्ण काल" है और दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा फैसला आज रात हो सकता है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 ट्रंप की 8 PM की डेडलाइन भारतीय समय के अनुसार क्या है?

ट्रंप की 8 PM (Eastern Time) की डेडलाइन भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे खत्म होगी.

Q2 ट्रंप ने ईरान के खिलाफ क्या कार्रवाई करने की धमकी दी है?

ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के सभी पावर प्लांट्स और पुलों को बमबारी से पूरी तरह नष्ट कर देंगे.

Q3 हॉर्मुज जलडमरूमध्य का विवाद क्या है?

ट्रंप चाहते हैं कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए दोबारा खोले, जिसे उसने बंद कर रखा है.

Q4 क्या ट्रंप के अनुसार ईरान में सत्ता बदल गई है?

हां, ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में 'टोटल रिजीम चेंज' हो चुका है और अब वहां समझदार लोग सत्ता की बागडोर संभाल रहे हैं.

Q5 ईरान को समझौते के लिए कितना समय दिया गया था?

ईरान ने 7 दिन की मांग की थी, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें समझौते के लिए कुल 10 दिन का समय दिया था.

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