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कूटनीति के गलियारों से एक बड़ी और सकारात्मक खबर आ रही है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत और चीन के बीच बिगड़े रिश्तों को सुधारने और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने का एक बड़ा संकेत दिया है.
बता दें कि 2026 में भारत ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता करने जा रहा है और इस सम्मेलन का आयोजन भारत में ही होना है. इस मौके पर चीन का रुख काफी सहयोगात्मक नजर आ रहा है. आइए, इस बयान के मुख्य बिंदुओं और इसके पीछे की कहानी को आसान भाषा में समझते हैं.
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चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत और चीन दो महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि:
ब्रिक्स अध्यक्षता: वर्ष 2026 में भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इसके अगले साल यानी 2027 में चीन यह जिम्मेदारी संभालेगा.
सहयोग का वादा: वांग यी ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की अध्यक्षता (Presidency) का पुरजोर समर्थन करना चाहिए, ताकि ब्रिक्स सहयोग को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाया जा सके.
चीन के विदेश मंत्री ने इस बात को कहा कि जब दुनिया की 2 सबसे बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं हाथ मिलाती हैं, तो उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है. उन्होंने कहा, "साथ मिलकर हम ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के लिए नई उम्मीद पैदा कर सकते हैं." उनके अनुसार, भारत-चीन की एकता विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंच पर और मजबूत करेगी.
भारत के लिए ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता कई मायनों में अहम है:
वैश्विक नेतृत्व: यह भारत को वैश्विक नीतियों को आकार देने का मौका देगा.
आर्थिक एजेंडा: व्यापार, डिजिटल इकोनॉमी और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत अपनी बात मजबूती से रख पाएगा.
चीन का साथ: अगर चीन इस दौरान भारत का समर्थन करता है, तो द्विपक्षीय व्यापार और सीमा विवाद को सुलझाने में भी मदद मिल सकती है.
वांग यी का यह बयान भारत-चीन संबंधों में जमी बर्फ को पिघलाने की एक और कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. अक्टूबर 2024 में कजान (Kazan) और फिर अगस्त 2025 में तियानजिन (Tianjin) में मोदी-जिनपिंग की मुलाकातों के बाद रिश्तों में जो सुधार शुरू हुआ था, यह बयान उसे आगे बढ़ाने वाला है. 'ग्लोबल साउथ' का नेतृत्व करने की दिशा में भारत और चीन का साथ आना पूरी दुनिया के समीकरण बदल सकता है.
1- ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता किसके पास है?
ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता भारत के पास है और शिखर सम्मेलन भारत में ही आयोजित होगा.
2- वांग यी ने भारत-चीन सहयोग के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए ताकि ग्लोबल साउथ के लिए नई उम्मीद पैदा हो सके.
3- क्या चीन भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन का समर्थन करेगा?
हां, विदेश मंत्री वांग यी ने आधिकारिक तौर पर भारत की अध्यक्षता का समर्थन करने की घोषणा की है.
4- ब्रिक्स 2027 की अध्यक्षता कौन करेगा?
वर्ष 2027 में ब्रिक्स की अध्यक्षता चीन द्वारा की जाएगी.
5- वांग यी के बयान में 'ग्लोबल साउथ' का क्या मतलब है?
ग्लोबल साउथ से तात्पर्य दुनिया के विकासशील और अल्पविकसित देशों से है, जिनकी आवाज भारत और चीन वैश्विक मंचों पर उठाना चाहते हैं.
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