अमेरिका के 500 अरब डॉलर के प्लान पर चीन ने फेरा पानी! Deepseek AI लॉन्च करते ही स्वाहा हो गए 9 लाख करोड़

ट्रंप ने अपने पहले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में AI इंफ्रा को बेहतर करने और चीन को मात देने के लिए 500 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया. इसके लिए सरकार अमेरिका की टॉप कंपनियों के साथ मिल कर काम करेगी. अब इस खबर के बीते हुए महीने दिन भी नहीं हुए कि चीन ने बड़ा दांव खेल दिया.
अमेरिका के 500 अरब डॉलर के प्लान पर चीन ने फेरा पानी! Deepseek AI लॉन्च करते ही स्वाहा हो गए 9 लाख करोड़

चीन ने पेश किया डीपसीक एआई मॉड्यूल

20 जनवरी के दिन पूरी दुनिया इस खबर में खोई हुई थी कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब एआई की दुनिया में क्रांति लाने के लिए प्लानिंग कर चुके हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ट्रंप ने अपने पहले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में AI इंफ्रा को बेहतर करने और चीन को मात देने के लिए 500 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया. इसके लिए सरकार अमेरिका की टॉप कंपनियों के साथ मिल कर काम करेगी. अब इस खबर के बीते हुए महीने दिन भी नहीं हुए कि चीन ने बड़ा दांव खेल दिया. चीन ने ओपेन एआई के राइवल के तौर पर डीपसीक एआई (Deepseek AI) को लॉन्च कर दिया है. इस ऐलान के बाद से पूरे टेक वर्ल्ड में खलबली मच गई है.

DeepSeek AI को बनाने में खर्च?

चीन ने एआई की दुनिया में बड़ा कदम उठाते हुए अपने नए DeepSeek AI मॉड्यूल को पेश किया है, जिसने वैश्विक टेक इंडस्ट्री और अरबपतियों की संपत्ति पर गहरा असर डाला. चीन ने यह मॉड्यूल न केवल बेहद कम लागत पर तैयार किया है, बल्कि इसे सिर्फ दो महीनों में विकसित किया गया है. यह उपलब्धि अमेरिका और दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के लिए झटका साबित हुई है.

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सोमवार को जैसे ही यह खबर सामने आई कि DeepSeek AI को केवल 6 मिलियन डॉलर (लगभग 60 लाख डॉलर) की लागत में तैयार किया गया है, अमेरिका और अन्य देशों के शेयर बाजारों में उथल-पुथल मच गई. OpenAI, Microsoft, और Google जैसे दिग्गज कंपनियों ने अपने एआई मॉड्यूल विकसित करने में वर्षों का समय और अरबों डॉलर खर्च किए हैं. लेकिन चीन की इस तेजी और लागत-कटौती ने टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी.

डूब गए 9 लाख करोड़ रुपए

ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक, DeepSeek AI के लॉन्च के बाद दुनिया के 500 अरबपतियों की कुल संपत्ति में 108 बिलियन डॉलर (करीब 9.34 लाख करोड़ रुपए) की गिरावट दर्ज की गई. इसमें सबसे ज्यादा नुकसान टेक अरबपतियों को झेलना पड़ा.

एआई चिप मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एनवीडिया के को-फाउंडर जेनसेन हुआंग की संपत्ति में 20.1 बिलियन डॉलर की भारी गिरावट हुई, जिससे उनकी कुल नेटवर्थ घटकर 101 बिलियन डॉलर रह गई. इसी तरह, ओरेकल कॉर्प के को-फाउंडर लैरी एलिसन को एक दिन में 22.6 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ, जिससे उनकी संपत्ति 186 बिलियन डॉलर तक सिमट गई.

एलन मस्क को भी भारी नुकसान

टेक अरबपतियों की इस गिरावट का असर एलन मस्क, लैरी पेज, और माइकल डेल जैसे दिग्गजों पर भी पड़ा. टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की संपत्ति में 6.7 बिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई, जबकि गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज और सरगेई ब्रिन को क्रमशः 6.3 बिलियन डॉलर और 5.9 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. चीन के इस कदम का असर अमेरिकी शेयर बाजारों पर भी पड़ा. नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स 3.1 प्रतिशत और एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.5 प्रतिशत गिर गया. क्योंकि अमेरिकी शेयर बाजार के इंडेक्स में टेक कंपनियों की हिस्सेदारी काफी अधिक है.

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