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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की यह रिपोर्ट साबित करती है कि 2026 में चीन का गोल्ड मार्केट एक नए युग में प्रवेश कर चुका है. (Image Source- AI)
साल 2026 की शुरुआत सोने के बाजार के लिए किसी सपने से कम नहीं रही है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट बताती है कि इस साल के पहले महीने यानी जनवरी में सोने ने वो कर दिखाया जो पिछले कई दशकों में नहीं हुआ था.
ग्लोबल मार्केट में जहां डॉलर के मुकाबले सोने की कीमत 1980 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर रही, वहीं चीन के घरेलू बाजार में 'शंघाई गोल्ड बेंचमार्क' ने अब तक की सबसे ऐतिहासिक शुरुआत दर्ज की है. चीन के लोगों और वहां के निवेशकों के लिए सोना अब सिर्फ एक गहना नहीं, बल्कि भरोसे का सबसे बड़ा साथी बन गया है.
जनवरी के महीने में सोने ने एक के बाद एक 11 बार अपने ही रिकॉर्ड तोड़े. हालांकि महीने के आखिर और फरवरी की शुरुआत में कीमतों में थोड़ी गिरावट जरूर आई, लेकिन निवेशकों ने इसे एक मौके की तरह देखा.

जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस और चीन में 1,000 युआन प्रति ग्राम के करीब पहुंचा, खरीदारों ने जमकर खरीदारी की. कीमतों में 14 से 19 प्रतिशत तक की मासिक बढ़त देखी गई, जिसने बाजार में एक नई जान फूंक दी है.
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चीन में स्प्रिंग फेस्टिवल यानी चीनी नए साल की तैयारी जोरों पर है. ज्वेलर्स ने इस त्योहार की मांग को देखते हुए अपना स्टॉक भरना शुरू कर दिया है. आंकड़ों की बात करें तो जनवरी में शंघाई गोल्ड एक्सचेंज (SGE) से 126 टन सोने की निकासी हुई. यह पिछले साल के मुकाबले तो बेहतर है ही, साथ ही पिछले महीने से भी 11 टन ज्यादा है. लोग अब पुराने गहने बदलकर नए गहने ले रहे हैं, जिससे मार्केट में लिक्विडिटी यानी नकदी का प्रवाह बना हुआ है.
चीन गोल्ड मार्केट रिपोर्ट 2026-
| गोल्ड ईटीएफ निवेश | 44 अरब युआन (अब तक की सबसे मजबूत शुरुआत) |
| कुल गोल्ड रिजर्व (PBoC) | 2,308 टन (लगातार 15वें महीने खरीदारी) |
| SGE गोल्ड निकासी | 126 टन (होलसेल डिमांड में मजबूती) |
| कीमतों में उछाल | RMB में 19% और USD में 14% की बढ़त |
| फ्यूचर्स ट्रेडिंग | 456 टन प्रतिदिन (5 साल के औसत से 72% ज्यादा) |
| ईटीएफ होल्डिंग्स | 286 टन (ऑल-टाइम हाई) |
निवेश के मोर्चे पर चीन के गोल्ड ईटीएफ (ETF) ने इस बार कमाल कर दिया है. जनवरी में इसमें 44 अरब युआन (करीब 6.2 अरब डॉलर) का निवेश आया. यह इतिहास की अब तक की सबसे मजबूत शुरुआत है. चीन के लोगों का गोल्ड ईटीएफ पर भरोसा इतना बढ़ गया है कि अब कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 333 अरब युआन के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है. निवेशकों के पास अब कुल 286 टन सोना ईटीएफ के रूप में जमा है.

पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने भी अपनी खरीदारी की रफ्तार कम नहीं की है. जनवरी में बैंक ने 1.2 टन सोना और खरीदा, जिससे उसका कुल गोल्ड रिजर्व 2,308 टन हो गया है. यह लगातार 15वां महीना है जब बैंक ने सोना खरीदा है. अब चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का करीब 9.6 प्रतिशत हिस्सा सोने के रूप में है. यह कदम साफ करता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना ही सबसे सुरक्षित एसेट है.
शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज पर भी सोने का कारोबार बहुत एक्टिव रहा. जनवरी में रोजाना औसत 456 टन सोने का ट्रेड हुआ. कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की वजह से ट्रेडर्स का ध्यान इसकी ओर खिंचा और ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने पांच साल के औसत से 72 प्रतिशत ज्यादा रहा.
अगर पिछले साल के आखिर की बात करें, तो दिसंबर 2025 में चीन ने 29 टन सोने का नेट आयात किया था. पूरे साल का कुल आयात 675 टन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 41 प्रतिशत कम है. इसकी मुख्य वजह गहनों की मांग में थोड़ी कमी और स्थानीय बाजार में मिलने वाले डिस्काउंट रहे.
आने वाले दिनों में 15 से 23 फरवरी तक चलने वाले चीनी नए साल के दौरान सोने की मांग और बढ़ने की उम्मीद है. लोग उपहार देने और खुद के लिए सोना खरीदना पसंद करते हैं. हालांकि ऊंचे दाम कुछ ग्राहकों को वजन के हिसाब से कम खरीदारी करने पर मजबूर कर सकते हैं, लेकिन निवेश के तौर पर सोने का आकर्षण कम नहीं होने वाला है.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की यह रिपोर्ट साबित करती है कि 2026 में चीन का गोल्ड मार्केट एक नए युग में प्रवेश कर चुका है. रिकॉर्ड कीमतों और उतार-चढ़ाव के बावजूद, चाहे वो आम जनता हो या वहां का केंद्रीय बैंक, सोने पर सबका भरोसा अटूट है. गोल्ड ईटीएफ में आया रिकॉर्ड निवेश और पीबीओसी की लगातार खरीदारी यह इशारा करती है कि आने वाले समय में चीन दुनिया के स्वर्ण बाजार का सबसे बड़ा केंद्र बना रहेगा.