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जानलेवा कोरोना वायरस (Coronavirus) से चीन की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है.
दुनियाभर पर 'बादशाहत' का ख्वाब देखने वाला चीन 'बीमार' है. खतरनाक कोरोना वायरस एक तरफ मौत का तांडव खेल रहा है. वहीं, दूसरी तरफ चीन की इकोनॉमी भी दम तोड़ रही है. कोरोना वायरस की वजह से चीन की इकोनॉमी बीमार... बहुत बीमार नजर आ रही है. अकेले चीन में अब तक 361 जिंदगी वायरस की भेंट चढ़ चुकी हैं. वहीं, 17 हजार से ज्यादा कोरोना की गिरफ्त में हैं. लेकिन, पिछले 1 महीने में कोरोना का सबसे ज्यादा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, चीन 30 साल में सबसे कमजोर आर्थिक दौर से गुजर रहा है.
जानलेवा कोरोना वायरस (Corona virus) से चीन की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है. हालात ये हैं कि चीन की बड़ी कंपनियों को 4 साल में सबसे कम मुनाफा हुआ. पहले अमेरिका से ट्रेड वॉर के चलते चीन में कई कंपनियों का कारोबार सिमट गया. वहीं, अब औद्योगिक कंपनियों के मुनाफे में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. पिछले 1 महीने में चीन का शेयर बाजार औंधे मुंह गिरा है. निवेशकों के 420 बिलियन डॉलर मतलब 42,000 करोड़ डॉलर (30 लाख करोड़ रुपए) डूब चुके हैं.
1 महीने में डूबे 30 लाख करोड़ रुपए
चीन के लिए साल 2020 की शुरुआत ही खराब रही. इस साल की शुरुआत से ही चीन के शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है. चीनी शेयर बाजार 9 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं. निवेशकों ने इस दौरान करीब 30 लाख करोड़ रुपए गंवाए हैं. चीन की करेंसी युआन साल 2020 में अब तक 1.2 फीसदी कमजोर हो गई है.
30 साल के निचले स्तर कंपनियों का मुनाफा
चीन के औद्योगिक मुनाफे में साल 2015 के बाद सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है. मुनाफा 3.3 फीसदी गिरकर 897 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. 2015 में चीनी कंपनियों के मुनाफे में 2.3 फीसदी की गिरावट आई थी. ING बैंक के अर्थशास्त्री आइरिस पैंग के मुताबिक, कोरोना वायरस की वजह से अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. बिजनेस एक्टिविटी में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. यही वजह है कि चीन के शेयर बाजार में सिर्फ लाल रंग में कारोबार हो रहा है.
और बिगड़ सकते हैं हालात
दिसंबर तिमाही में ही चीन की अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है. जनवरी के आंकड़े आना बाकी हैं. ऐसे में कोरोना वायरस उसकी स्थिति को और नाज़ुक बना सकता है. इकोनॉमिस्ट का मानना है कि 2020 की पहली छमाही में चीन को बेहद खराब ग्रोथ का सामना करना पड़ सकता है. चीन में कई बाहर की कंपनियों ने अपने प्लांट 9 फरवरी तक बंद कर दिए हैं. जापान की टोयोटा मोटर के मुताबिक, वह 9 फरवरी तक प्लांट बंद रखेगी. हालात सामान्य नहीं होने पर इसे बढ़ाया जा सकता है.
एयरलाइन, ट्रेड सब बंद
कई देशों ने चीन के लिए अपनी एयरलाइन सेवाएं भी बंद कर दी हैं. भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने भी चीन जाने पर फिलहाल रोक लगाई हुई है. पिछले 15 दिन से चीन से ट्रेड करने वाले कुछ देशों ने भी रोक लगाई है. दुनियाभर की बड़ी कंपनियों ने भी चीन में अपने ऑपरेशंस बंद कर दिए हैं. ऐसे में चीन की इकोनॉमी को झटका लगना तय माना जा रहा है.
चीन की गिरती इकोनॉमी से दुनिया को भी खतरा
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के बिगड़ते हालात से ग्लोबल इकोनॉमी को झटका लग सकता है. दरअसल, चीन की ग्रोथ में आई गिरावट से ग्लोबल ग्रोथ पर भी बड़े पैमाने पर असर पड़ सकता है. फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस के प्रकोप से चीन की विकास दर 0.5-1 फीसदी तक गिर सकती है. लेकिन, अगर चीन की ग्रोथ में एक फीसदी गिरावट आती है तो इकोनॉमी को 136 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान होगा.
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अब आगे क्या होगा
रॉयटर्स के मुताबिक, चीन की सरकार की तरफ से स्थिति को संभालने के लिए कोशिश की जाने की पूरी उम्मीद है. सरकार मार्केट में कैश बढ़ाकर और लोन में इजाफा करके डिमांड लाने का प्रयास कर सकती है. लेकिन, कोरोना वायरस की वजह से चीन की इकोनॉमी में सुधार की उम्मीद फिलहाल कम है. 2020 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है.