बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट! एक साल में इतने पर्सेंट बढ़ा सरकारी कर्ज, गहराया डूबने का खतरा

बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था गहरे संकट में है. पिछले एक साल में सरकारी कर्ज 14% बढ़कर 21.44 लाख करोड़ टका हो गया है. विदेशी कर्ज, राजनीतिक अस्थिरता और कमजोर टैक्स कलेक्शन ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. डेट-टू-एक्सपोर्ट रेश्यो 162% पहुंच गया है, जिससे देश पर दिवालिया होने का खतरा बढ़ा है.
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट! एक साल में इतने पर्सेंट बढ़ा सरकारी कर्ज, गहराया डूबने का खतरा

बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था इन दिनों बड़े संकट से गुजर रही है. राजनीतिक अस्थिरता, घटती आय और बढ़ते सरकारी खर्च के बीच देश का कर्ज लगातार बढ़ रहा है. ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बांग्लादेश का कुल सरकारी कर्ज पिछले एक साल में ही 14% बढ़ गया है. यह बढ़ोतरी उस समय हुई है जब देश पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहा है.

एक साल में कर्ज में रिकॉर्ड इजाफा

बांग्लादेश सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी अपडेट के अनुसार, जून 2025 तक कुल सरकारी कर्ज बढ़कर 21,44,340 करोड़ टका (भारतीय रुपये में लगभग 15,68,056 करोड़ रुपये) हो गया है. पिछले साल यह कर्ज 18,89,000 करोड़ टका था. यानी एक साल में लगभग 2,50,000 करोड़ टका का इजाफा हुआ है, जो देश के इतिहास की सबसे तेज कर्ज बढ़ोतरी में से एक है.

विदेशी और घरेलू कर्ज दोनों में तेजी

ताजा रिपोर्ट बताती है कि कुल कर्ज में से-

• 9,49,000 करोड़ टका विदेशी कर्ज है.
• 11,95,000 करोड़ टका घरेलू कर्ज है.

विदेशी कर्ज बढ़ने की मुख्य वजह आयात पर ज्यादा खर्च, निर्यात में कमी और विदेशी मुद्रा भंडार में घटती रफ्तार है. घरेलू कर्ज इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि सरकार खर्च पूरा करने के लिए बैंकों से भारी लोन ले रही है. अकेले वित्त वर्ष 2025 में बांग्लादेश सरकार ने बैंकों से 72,372 करोड़ टका का कर्ज लिया.

राजनीतिक अस्थिरता ने बिगाड़ा आर्थिक माहौल

सत्ता परिवर्तन के बाद देश में राजनीतिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है. इसका सीधा असर निवेश, कारोबार और सरकारी आय पर पड़ा है. सरकार का खर्च बढ़ता जा रहा है, लेकिन आय उतनी तेजी से नहीं बढ़ रही. इसी वजह से आय और खर्च का अंतर लगातार बड़ा होता जा रहा है. आय के कमजोर होने से सरकार को ज्यादा कर्ज लेना पड़ रहा है, और यह स्थिति धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था को दिवालिया होने की तरफ धकेल रही है.

टैक्स कलेक्शन एशिया में सबसे कमजोर

बांग्लादेश की GDP ग्रोथ इस समय सिर्फ 3.5% के आसपास रहने का अनुमान है. यह दर दक्षिण एशिया में सबसे कम मानी जा रही है. टैक्स-टू-GDP रेश्यो भी बेहद कमजोर है-

• बांग्लादेश: 7–7.5%
• भारत: 12%

कम टैक्स कलेक्शन का मतलब है सरकार के पास खर्च चलाने और कर्ज चुकाने के लिए कम पैसा उपलब्ध होना.

विदेशी कर्ज बढ़ा जोखिम

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने बांग्लादेश के विदेशी कर्ज को “मध्यम जोखिम” बताया है. हालांकि देश की मौजूदा स्थिति देखते हुए यह जोखिम आगे और बढ़ सकता है. सबसे चिंताजनक बात देश का डेट-टू-एक्सपोर्ट रेश्यो है, जो बढ़कर 162% हो गया है. यह सुरक्षित सीमा से काफी ऊपर है.

• इसका मतलब है कि देश जितना निर्यात करता है, उसके मुकाबले कर्ज बहुत ज्यादा है.
• जब निर्यात घट रहा हो और कर्ज बढ़ रहा हो, तो देश के डिफॉल्ट होने का खतरा तेजी से बढ़ जाता है.

निर्यात घटने से हालात और मुश्किल

देश का निर्यात लगातार दबाव में है, जबकि कर्ज बढ़ता जा रहा है. ऐसे में सरकार के पास कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा नहीं आ रही. यही वजह है कि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने बांग्लादेश को आर्थिक जोखिम वाली श्रेणी में रखा है.

बांग्लादेश के सामने आगे क्या खतरे हैं

विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले समय में बांग्लादेश को इन जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है- कर्ज चुकाने में बढ़ती मुश्किल, विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव, महंगाई में तेजी, निवेश कम होना, निर्यात और गिर सकता है. सरकार को और कर्ज लेना पड़ेगा, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है.

खबर से जुड़े FAQs

Q1. बांग्लादेश का कुल सरकारी कर्ज कितना हो गया है.

21,44,340 करोड़ टका.

Q2. एक साल में कर्ज कितना बढ़ा है.

लगभग 14% की बढ़ोतरी हुई है.

Q3. देश की GDP ग्रोथ कितनी मानी जा रही है.

करीब 3.5%.

Q4. IMF ने बांग्लादेश के विदेशी कर्ज को क्या बताया है.

मध्यम जोखिम की श्रेणी में.

Q5. सबसे बड़ा खतरा क्या माना जा रहा है.

डेट-टू-एक्सपोर्ट रेश्यो 162% पहुंच जाना.

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