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Strait of Hormuz
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा 27 दिनों का सीजफायर सोमवार (4 मई) को आधिकारिक तौर पर टूट गया है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जिससे ग्लोबल तेल सप्लाई पर गंभीर संकट गहराने लगा है. अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को शिपिंग के लिए दोबारा खोलने के मकसद से प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू किया है. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अरागची ने अमेरिकी ऑपरेशन को तंज कसते हुए कहा है कि प्रोजेक्ट फ्रीडम वास्तव में प्रोजेक्ट डेडलॉक है. ईरान ने यूएई के फुजैरा पोर्ट पर हमला किया. यूएई के दावों के मुताबिक, इस हमले में करीब 15 मिसाइलों और कुछ ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया है. ईरानी हमले के बाद यूएई के एक अहम तेल बंदरगाह में आग लग गई है.
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल और गैस की मांग की सप्लाई होती है. सोमवार को अमेरिका ने हॉर्मुज ने शिपिंग के लिए दोबारा खोलने के मकसद से प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू किया है.
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए इस युद्ध में 8 अप्रैल को पहली बार सीजफायर का ऐलान किया गया था. इसके बाद 22 अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ा दिया गया था.
7 छोटी ईरानी नौकाओं को किया नष्ट
मंगलवार को तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है, जबकि पिछले सेशन में इसमें 6 फीसदी का उछाल आया था. जुलाई के लिए ब्रेंट ऑयल फ्यूचर्स 68 सेंट गिरकर 113.76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं. वहीं, US WTI क्रूड 1.59 डॉलर गिरकर 104.83 डॉलर पर आ गया है. KCM ट्रेड के अहम बाजार विश्लेषक टिम वाटरर के मुताबिक मर्स्क जहाज के सुरक्षित बाहर निकलने से सप्लाई बाधित होने की तत्काल चिंताएं कुछ कम हुई हैं, लेकिन यह पूरी तरह से खुलने के बजाय यह एक बार की घटना है.