)
Insurance Amendment Bill भारतीय इंश्योरेंस सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है. इस बिल के जरिए इंश्योरेंस कंपनियों में FDI लिमिट को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का रास्ता साफ किया गया है. इस बदलाव का सीधा असर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों पर पड़ने वाला है,