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भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियां हमेशा महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती हैं. हालिया आंकड़ों के अनुसार इंडेक्स फ्यूचर्स में FIIs की लॉन्ग पोजीशन 10 प्रतिशत से नीचे पहुंच गई है, जिसने बाजार प्रतिभागियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. आमतौर पर इतनी कम लॉन्ग पोजीशन