2026 में ग्लोबल मार्केट का मूड पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा, लेकिन अवसर बने रहेंगे. अजय बग्गा के अनुसार अमेरिका की पॉलिसी, जियोपॉलिटिकल तनाव और ट्रंप फैक्टर बाजारों में वोलैटिलिटी बनाए रख सकते हैं. भारतीय बाजार के लिए तस्वीर अपेक्षाकृत बेहतर दिखती है. मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और मैन्युफैक्चरिंग