दिल्ली के रोहन ट्रेकिंग करने एवरेस्ट बेस कैंप गए. कैंपिंग में तो बहुत मज़ा आया, लेकिन ट्रेकिंग उपकरण काफी महंगे पड़ गए. मार्केट के इसी गैप को उन्होंने पहचाना और बना दिया करोड़ों का बिज़नेस, जो कि अफ़ोर्डेबल के साथ-साथ ड्यूरेबल और सस्टेनेबल भी है. अगर आपको भी पहाड़ों