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रूस में आज बुधवार की सुबह-सुबह जोरदार भूकंप आया है. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 8.8 मापी गई है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (U.S. Geological Survey) ने इसकी पुष्टि की है. ये भूकंप समुद्र के नीचे आया है, जिसके बाद अमेरिका से लेकर जापान तक में सुनामी का अलर्ट घोषित कर दिया गया है. स्थानीय प्रशासन ने इस भूकंप को दशकों में सबसे शक्तिशाली बताया है. इस भूकंप से जुड़े तमाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिसमें इमारतों को तेजी से हिलते हुए देखा जा सकता है.
लेकिन क्या आपको पता है कि इसे भी दुनिया का सबसे शक्तिशाली भूकंप नहीं कहा जा सकता क्योंकि लोगों ने इससे भी भयंकर भूकंप का मंजर देखा है. यहां जानिए ऐसे दो भूकंप के बारे में जिन्हें दुनिया का अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जाता है. इनमें से एक की तीव्रता 9.5 थी और उसमें हजारों लोगों की जान गई थी, वहीं दूसरा भूकंप तीव्रता के लिहाज से बेशक इससे कम था, लेकिन विनाश के लिहाज से इससे कहीं ज्यादा शक्तिशाली था. इसमें एक झटके में लाखों की जान चली गई थी.
तीव्रता के लिहाज से अब तक के सबसे ताकतवर भूकंप की बात करें तो ये 22 मई 1960 को चिली के वाल्डिविया में आया था. रिक्टर स्केल पर 9.5 तीव्रता वाले इस भूकंप की वजह से आई सुनामी से दक्षिणी चिली, हवाई द्वीप, जापान, फिलीपींस, पूर्वी न्यूजीलैंड, दक्षिण-पूर्व ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में भयानक तबाही मची थी. कहते हैं कि इस भूकंप की ताकत 1 हजार एटम बम के बराबर थी. इस भूकंप में करीब 6 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, जबकि लाखों लोग बेघर हो गए थे.
कैजुअलिटी के लिहाज से देखें तो अब तक का सबसे खतरनाक भूकंप 23 जनवरी 1556 में चीन में आया था. इस भूकंप ने 830,000 लोगों की जिंदगियां निगल ली थीं. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 8 मापी गई थी, लेकिन इस भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई थी. इन भूकंप ने एक झटके में लाखों की जानें ले लीं थीं. इसके कारण तमाम इलाके मिट्टी में मिल गए थे. कई क्रत्रिम गुफाएं ढह गई थीं. उन गुफाओं में सो रहे लोग जिंदा दफन होकर रह गए थे. वहीं तमाम गुफाएं भूस्खलन से नष्ट हो गईं. कहा जाता है कि इस भूकंप से प्रभावित इलाकों में से 60 प्रतिशत तक जनसंख्या खत्म हो गई थी. चीन का ये भूकंप शांक्सी भूकंप (Shaanxi Earthquake) के नाम से जाना जाता है.
भारत में सबसे खतरनाक भूकंप 1950 में आया था. इसकी तीव्रता 8.7 थी. इसमें करीब 1500 लोगों की जान गई थी. दूसरा सबसे विनाशकारी भूकंप 15 जनवरी 1934 में बिहार में आया था. इस भूकंप की तीव्रता 8.1 मापी गई थी. कहा जाता है कि इस भूकंप ने पूरे बिहार को हिला कर रख दिया था. कई शहर पूरी तरह बर्बाद हो गए थे. इस भूकंप में करीब 10000 लोगों की मौत हुई थी. इसके अलावा हिमाचल के कांगड़ा में 7.8 तीव्रता वाला भूकंप 1905 में आया था और इसने हजारों जिंदगियां निगल लीं थीं. वहीं साल 2001 में गुजरात के भुज में विनाशकारी भूकंप आया था. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 थी. इस भूकंप में लाखों घर नष्ट हो गए थे. लाखों लोग घायल हुए थे और करीब 20,000 लोगों की मौत हो गई थी.