World Heart Day 2025: हार्ट को लेकर अगर आपको भी हैं ये 7 गलतफहमियां तो आज दूर कर लें, वरना पड़ सकता है भारी

कार्डियोवैस्‍कुलर डिजीज हर साल लाखों जिंदगियां लेती है और इसकी जड़ में अक्सर गलत लाइफस्टाइल के साथ कई मिथक छिपे होते हैं. World Heart Day 2025 पर इन 7 गलतफहमियों को दूर करना जरूरी है ताकि समय पर सही कदम उठाकर आप दिल की सेहत को बचा सकें.
World Heart Day 2025: हार्ट को लेकर अगर आपको भी हैं ये 7 गलतफहमियां तो आज दूर कर लें, वरना पड़ सकता है भारी

दुनियाभर में हार्ट डिजीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. WHO के आंकड़ों के मुताबिक हर साल करीब 1 करोड़ 79 लाख लोगों की मौत सिर्फ कार्डियोवैस्‍कुलर डिजीज से होती है. इसकी सबसे बड़ी वजह खराब लाइफस्‍टाइल और गलत खानपान को माना जाता है. लेकिन कई लोग आज भी दिल की सेहत को लेकर तरह-तरह की गलतफहमियों में जीते हैं. वर्ल्ड हार्ट डे 2025 के मौके पर आइए जानते हैं उन 7 सबसे आम Myths के बारे में, जिन्हें आज ही दिमाग से निकाल देना चाहिए ताकि आपका दिल लंबे समय तक सेहतमंद रह सके.

Myth-1: “मैं तो यंग हूं, मुझे हार्ट की दिक्कत नहीं होगी”

ये सोच अगर आपकी भी है, तो आप बिल्कुल गलत हैं. हार्ट की समस्याओं का उम्र से कोई लेना-देना नहीं होता. आप अपनी लाइफस्टाइल कैसी रखते हैं, ये हृदय रोगों के जोखिम को प्रभावित करता है. लाइफस्‍टाइल खराब है तो बचपन और किशोरावस्था से ही धमनियों में प्लाक जमना शुरू हो सकता है, जिससे बाद में धमनियां बंद हो सकती हैं. मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज जैसी समस्याएं आजकल युवाओं में भी आम हैं. इसलिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है.

Myth-2: “हार्ट अटैक में हमेशा सीने में दर्द होता है”

सीने में दर्द हार्ट अटैक का आम लक्षण है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता. कई बार सांस फूलना, मतली, चक्कर, जबड़े या पीठ में दर्द जैसे सूक्ष्म संकेत भी दिल का दौरा होने का इशारा देते हैं. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

Myth-3: “दवा खा रहा हूं तो डायबिटीज से हार्ट को खतरा नहीं”

डायबिटीज कंट्रोल होना अच्छी बात है, इससे हार्ट से जुड़ी बीमारी का जोखिम कम हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि आपको किसी तरह का रिस्क ही नहीं है. जब ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रण में होता है, तब भी आपको हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि जिन समस्याओं की वजह से आपको डायबिटीज हुआ है, वो रिस्क फैक्टर्स हार्ट की समस्याओं को विकसित करने की संभावना को भी बढ़ाते हैं. इन रिस्क फैक्टर्स में हाई बीपी, अत्यधिक वजन और मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता और धूम्रपान शामिल हैं.

Myth-4: “मिडिल एज से पहले कोलेस्ट्रॉल चेक की जरूरत नहीं”

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की सलाह है कि आप 20 साल की उम्र से हर 5 साल में अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना शुरू कर दें. अगर आपके परिवार में हृदय रोग का इतिहास है तो इससे पहले भी कोलेस्ट्रॉल परीक्षण शुरू कर सकते हैं. ऐसे परिवारों में बच्चों में भी हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या देखने को मिल सकती है, ऐसे में बड़े होने पर उनमें हृदय रोग विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन आप हेल्दी डाइट लेकर और नियमित व्यायाम करके अपनी और अपने परिवार की मदद कर सकते हैं.

Myth-5: “हार्ट फेलियर मतलब दिल ने काम करना बंद कर दिया”

कार्डियक अरेस्ट के दौरान हार्ट काम करना बंद करता है, हार्ट फेलियर के दौरान नहीं. हार्ट फेलियर के दौरान दिल काम करता है, लेकिन वो रक्त को उतनी अच्छी तरह से पंप नहीं कर पाता जितना उसे करना चाहिए. इससे सांस लेने में तकलीफ, पैरों और टखनों में सूजन या लगातार खांसी और घरघराहट हो सकती है. कार्डियक अरेस्ट के दौरान व्यक्ति होश खो बैठता है और सामान्य सांस लेना बंद कर देता है.

Myth-6: “हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए”

अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप गलत हैं. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन हार्ट की बेहतर सेहत के लिए हर सप्ताह कम से कम ढाई घंटे की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि की सिफारिश करता है. लेकिन आपको किस तरह की एक्सरसाइज करनी चाहिए और किस तरह से करनी चाहिए, इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें.

Myth-7: “फैमिली हिस्ट्री है तो हार्ट डिजीज से बच नहीं सकता”

ये सच है कि किसी भी बीमारी की फैमिली हिस्ट्री होने पर परिवार के सदस्यों के लिए उस बीमारी का रिस्क बढ़ जाता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो बीमारी होकर ही रहेगी और उससे बचने के सारे तरीके व्यर्थ हैं. वास्तव में अगर आप अपनी हेल्थ को लेकर सचेत हैं और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करते हैं, फिजिकली एक्टिव रहते हैं, आपका खान-पान हेल्दी है, वजन नियंत्रित है, स्मोकिंग वगैरह से दूर रहते हैं, तो आप अपने आप को काफी हद तक हार्ट की समस्याओं से बचा सकते हैं. लेकिन फिर भी समय-समय पर जांच कराते रहना जरूरी है.

FAQs

Q1: क्या हार्ट अटैक सिर्फ बुजुर्गों को होता है?

A: नहीं, खराब डाइट, स्मोकिंग और डायबिटीज से युवाओं में भी हार्ट अटैक का खतरा है.

Q2: क्या कोलेस्ट्रॉल टेस्ट सिर्फ हाई बीपी वालों को कराना चाहिए?

A: नहीं, 20 साल की उम्र के बाद हर 5 साल में सभी को कराना चाहिए.

Q3: क्या हार्ट अटैक के बाद वर्कआउट बंद कर देना चाहिए?

A: डॉक्टर की गाइडलाइन के अनुसार हल्की-फुल्की एक्सरसाइज दिल के लिए फायदेमंद है. लेकिन फिर भी आप इस मामले में अपने एक्‍सपर्ट से सलाह जरूर लें.

Q4: डायबिटीज कंट्रोल है तो हार्ट डिजीज का खतरा खत्म है?

A: नहीं, डायबिटीज से जुड़ी अन्य समस्याएं हार्ट के लिए रिस्क बनी रहती हैं.

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