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Bicycle Day 2025: एक समय था जब लोग काफी लंबी दूरी को भी पैदल चलकर पूरा कर लेते थे. समय के साथ साइकिल का आविष्कार हुआ और लोग इसका इस्तेमाल करने लगे. साइकिल चलाने से एक तरह से पूरे शरीर की एक्सरसाइज हो जाती थी और किसी तरह का प्रदूषण वगैरह भी नहीं होता था. लेकिन धीरे-धीरे विकास और बढ़ा और बाइक, स्कूटर और कार आ गए. इसके बाद साइकिल का चलन खत्म सा हो गया.
आज के समय में अगर 500 मीटर की दूरी पर भी जाना हो तो लोग स्कूटर, बाइक या कार का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जैसे-जैसे हमने साइकिल को भुलाया, हमारे लिए काफी समस्याएं भी बढ़ी हैं. सड़कों पर गाड़ियों की कतार ने वायु प्रदूषण को बहुत तेजी से बढ़ाया है, वहीं लोगों में फिजिकल एक्टिविटी की वजह से लोगों में सेहत से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ी है. साइकिल का महत्व बताने के लिए हर साल 3 जून को विश्व साइकिल दिवस मनाया जाता है. जानिए इस दिन से जुड़ी खास बातें.
विश्व साइकिल दिवस को मनाने की शुरुआत साल 2018 में की गई थी. अप्रैल 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व साइकिल दिवस मनाने का फैसला लिया और इसके लिए 3 जून का दिन तय किया गया. इसके बाद पहली बार 3 जून को 2018 को ये दिन सेलिब्रेट किया गया.
साइकिल वातावरण को प्रदूषण मुक्त रखने का एक बेहतर तरीका है. इससे वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है क्योंकि इसे चलाने के लिए पेट्रोल या सीएनजी जैसे किसी ईंधन की जरूरत नहीं पड़ती है. साथ ही इसे चलाने से शरीर को अच्छा-खासा वर्कआउट करना पड़ता है. इससे कैलोरी बर्न होती है, हमारे शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है. लोगों को साइकिल की उपयोगिता बताने और रोजाना के काम में साइकिल का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई.
जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साइकिल दिवस को 3 जून को मनाने की घोषणा की तो तमाम देशों ने इसका समर्थन किया. इसको लेकर एक कैंपेन चलाया गया था, जिसका 56 से ज्यादा देशों ने समर्थन किया था. आज दुनिया के तमाम देश इस दिन को सेलिब्रेट करते हैं. इस दिन तमाम जगहों पर साइकिल के फायदों को लेकर सेमिनार किए जाते हैं. कई जगहों पर साइकिल रेस का आयोजन किया जाता है.