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Happy Friendship Day…अगर आज के दिन आपसे कोई दोस्त ऐसा कहे तो चौंकिएगा नहीं, क्योंकि फ्रेंडशिप डे आज के दिन यानी 30 जुलाई को भी मनाया जाता है. ये International Friendship Day है, जिसे तमाम देश हर साल इसी दिन मनाते हैं. हालांकि भारत में फ्रेंडशिप डे की निश्चित तारीख नहीं है क्योंकि ये अगस्त के महीने के पहले रविवार को मनाया जाता है. इस साल भारत में फ्रेंडशिप डे 3 अगस्त को मनाया जाएगा. हालांकि ऐसे में तमाम लोगों के मन में ये सवाल जरूर होगा कि जब दुनिया 30 जुलाई को ये दिन सेलिब्रेट कर रही है तो भारत की तारीख अलग क्यों है? आइए बताते हैं आपको इस बारे में.
इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे की कहानी काफी दिलचस्प है और इसकी जड़ें पराग्वे से जुड़ी हैं. साल 1958 में डॉ. रामोन आर्टेमियो ब्राचो ने अपने दोस्तों के साथ एक डिनर के दौरान ये विचार रखा कि दुनिया में दोस्ती को समर्पित एक दिन होना चाहिए. इसी बैठक में "वर्ल्ड फ्रेंडशिप क्रूसेड" नाम के एक संगठन की नींव पड़ी, जिसका मकसद था नस्ल, रंग या धर्म की परवाह किए बिना इंसानों के बीच दोस्ती को बढ़ावा देना.
इसके बाद पराग्वे में 30 जुलाई को फ्रेंडशिप डे मनाया जाने लगा और धीरे-धीरे ये परंपरा दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंच गई. लेकिन इस दिन को आधिकारिक रूप से वैश्विक मान्यता तब मिली, जब 27 अप्रैल, 2011 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित कर 30 जुलाई को इंटरनेशनल डे ऑफ फ्रेंडशिप (International Day of Friendship) घोषित कर दिया.
संयुक्त राष्ट्र की घोषणा के बाद, दुनिया के अधिकांश देश 30 जुलाई को ही इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे मनाते हैं. इनमें कई यूरोपीय, एशियाई और अफ्रीकी देश शामिल हैं. पराग्वे, जहां से इस दिन की शुरुआत हुई, वहां भी आज 30 जुलाई को ही फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है.
अब सवाल आता है कि जब संयुक्त राष्ट्र ने 30 जुलाई की तारीख तय कर दी है, तो भारत इसे अगस्त के पहले संडे को क्यों मनाता है. पहले आपको बता दें कि भारत के अलावा बांग्लादेश, मलेशिया और कुछ अन्य दक्षिण एशियाई देशों में भी फ्रेंडशिप डे अगस्त के पहले रविवार को ही मनाया जाता है. इसकी कहानी भी बड़ी दिलचस्प है. दरअसल, 1930 के दशक में 'हॉलमार्क कार्ड्स' के संस्थापक जॉयस हॉल ने फ्रेंडशिप डे का विचार पेश किया था, जिसका मकसद लोगों को अपने दोस्तों को कार्ड भेजने के लिए प्रोत्साहित करना था.[ हालांकि, ये आइडिया उस वक्त बहुत सफल नहीं हुआ.
लेकिन, कुछ साल बाद 1935 में अमेरिका में घटी एक घटना ने इस परंपरा को एक नया मोड़ दे दिया. कहा जाता है कि अगस्त के पहले शनिवार को अमेरिकी सरकार ने एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी. इस खबर से दुखी होकर, उस व्यक्ति के सबसे अच्छे दोस्त ने अगले दिन यानी अगस्त के पहले रविवार को आत्महत्या कर ली. उनकी गहरी दोस्ती और त्याग की इस कहानी ने लोगों को बहुत प्रभावित किया. इसी घटना की याद में अमेरिका में अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाने का चलन शुरू हो गया. भारत में भी इसी मान्यता के तहत अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे का चलन बढ़ा. यूएन द्वारा 30 जुलाई की तारीख डिसाइड होने के बाद भी तमाम देश इसे पुरानी परंपरा के तहत अगस्त के पहले रविवार को ही मनाते हैं. भारत भी उन देशों की लिस्ट में शामिल है.