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Olympics 2024, Indian Medal Tally: पेरिस ओलंपिक को लेकर प्रशंसकों का उत्साह चरम पर है. भारत ने टोक्यो ओलंपिक में सात मेडल जीते थे. ये ओलंपिक इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था लेकिन अब देश की नजर इन आंकड़ों को और बेहतर करने पर है. सबसे बड़ा मिशन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मेडल टैली में दोहरे अंक में पहुंचना और एक से अधिक गोल्ड मेडल जीतना है, क्योंकि ये दोनों ही रिकॉर्ड देश के लिए ऐतिहासिक होंगे. भारत ने एक से अधिक गोल्ड मेडल एक ओलंपिक में कभी नहीं जीते हैं, पहली बार यह कारनामा करने का अवसर है.
भारतीय ओलंपिक्स में हिस्सा ले रहे 117 सदस्यों के दल में कई ऐसे 'सूरमा' हैं, जो डबल डिजिट मेडल टेली के सपने को पूरा कर सकते हैं. भारतीय दल में अनुभव और युवा जोश का अच्छा मिश्रण है, जो बड़े-बड़े दिग्गजों को पछाड़ने का माद्दा रखते हैं. इस बार देशवासियों की उम्मीदें अपने खिलाड़ियों से बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है. हर एक भारतीय पेरिस में तिरंगा लहराता हुआ देखना चाहता है. नए जोश, जज्बे और जुनून के साथ 140 करोड़ भारतीयों की दुआ खिलाड़ियों के साथ है.
जैवलिन थ्रो, शूटिंग, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, रेसलिंग और हॉकी जैसे खेलों में भारत की तैयारी काफी मजबूत नजर आ रही है. जैवलिन थ्रो में पिछले ओलंपिक्स भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाले नीरज चोपड़ा से इस करिश्मे को दोहराने की हर कोई उम्मीद कर रहा है. शूटिंग में मनु भाकर को इस बार पदक का दावेदार माना जा रहा है. वहीं, 50 मीटर एयर राइफल थ्री पोजीशन में विश्वकप जीत चुकी सिफ्त कौर इसी इवेंट में हिस्सा ले रही हैं.
कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स बैडमिंटन में भारत को गोल्ड मेडल दिला चुकी चिराग शेट्टी और सात्विक साई राज रंकी रेड्डी से गोल्ड या सिल्वर मेडल की उम्मीदें हैं. इसके अलावा लक्ष्य सेन, एचएस प्रणॉय सिंगल और पीवी सिंधू से भी देश मेडल की उम्मीद रख रहा है. सभी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल होते हैं, तो भारत मेडल टैली में बड़ा उलटफेर कर सकता है. वेटलिफिटिंग में मीराबाई चानू देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. इसके अलावा बॉक्सिंग में निखत जरीन और लवलीना बोरगोहेन पर भी देश की उम्मीदें टिकी हुई है.
भारत ने ओलंपिक में कुल 35 पदक जीते हैं. इनमें 10 गोल्ड, 9 सिल्वर और 16 ब्रॉन्ज पदक शामिल हैं. टोक्यो में भारत ने सात पदक जीतकर अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा दर्ज किया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत की मेडल टैली दोहरे अंक तक पहुंच पाएगी? भारत का दोहरे अंक पर फोकस केवल मेडल टैली पर ही नहीं, बल्कि भारत की नजर पहली बार एक ओलंपिक में दो गोल्ड जीतने पर होगी. साथ ही यहां मजबूत प्रदर्शन से भारत को अपने 2036 ओलंपिक मेजबानी सपने को पूरा करने में भी मदद मिल सकती है.
आईएनएस न्यूज एजेंसी के इनपुट के साथ