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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार को लातूर में निधन हो गया है. 90 साल की उम्र में उन्होंने अपने घर “देववर” में आखिरी सांस ली. वे लंबे समय से बीमार थे और घर पर ही देखरेख में थे. शिवराज पाटिल ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में लातूर सीट से 7 बार जीत हासिल की और देश में कई बड़े पद संभाले. उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत तमाम बड़े नेताओं ने शोक जताया है.
शिवराज पाटिल ने साल 1980 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और पहली बार सांसद बने. उसके बाद लगातार सात बार इसी सीट से जीतकर संसद पहुंचे. शुरुआती दौर में उन्होंने संसद में सांसदों की सैलरी और अलाउंस तय करने वाली जॉइंट कमिटी में काम किया और बाद में इसी समिति के चेयरमैन भी बने.
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में पाटिल ने रक्षा, वाणिज्य, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतरिक्ष जैसे अहम मंत्रालयों में राज्य मंत्री की जिम्मेदारियां संभालीं.
1991 से 1996 तक वो लोकसभा स्पीकर रहे. इसके बाद यूपीए-1 सरकार के दौरान 2004 से 2008 तक उन्होंने देश के गृह मंत्री के तौर पर काम किया. 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद सुरक्षा में हुई चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने 30 नवंबर 2008 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "शिवराज पाटिल के निधन से दुखी हूं. वह एक अनुभवी नेता थे, जिन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर और लोकसभा के स्पीकर के रूप में कार्य किया. उनकी भावनाएं हमेशा समाजिक कल्याण में योगदान देने की रही. पिछले कुछ सालों में मेरी उनसे कई बार बातचीत हुई. पिछली मुलाकात तब हुई थी, जब वे हाल ही में कुछ महीने पहले मेरे आवास पर आए थे. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं. ओम शांति."
पीएम के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार समेत तमाम नेताओं ने उनके निधन पर शोक जाहिर किया है.