मॉनसून आते ही बढ़ जाता है इन 5 बीमारियों का रिस्‍क, बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां

बारिश के मौसम में बीमारियों का रिस्‍क भी काफी बढ़ जाता है. यहां जानिए उन 5 बीमारियों के बारे में जो मॉनसून में तेजी से फैलती हैं. जानिए क्‍या है इसका कारण और बचाव के तरीके.
मॉनसून आते ही बढ़ जाता है इन 5 बीमारियों का रिस्‍क, बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां

Monsoon Disease: लंबे समय तक भीषण गर्मी और लू के कहर के बाद आखिरकार अब देश के अधिकांश हिस्‍सों में मॉनसून दस्‍तक दे चुका है. मॉनसून के साथ ही लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है. लेकिन बारिश का मौसम अगर थोड़ी राहत लेकर आता है, तो कुछ बीमारियां भी साथ लाता है. यहां जानिए उन 5 बीमारियो के बारे में जिनका रिस्‍क इस मौसम में सबसे ज्‍यादा होता है.

मॉनसून में क्‍यों फैलती हैं बीमारियां

इस मामले में नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. रमाकान्‍त शर्मा बताते हैं कि बारिश के मौसम में जगह-जगह पर जलभराव की स्थिति होती है. इसके कारण तमाम मच्‍छर और बैक्‍टीरिया तेजी से पनपते हैं. इसलिए इस मौसम में सबसे ज्‍यादा बीमारियां भी मच्‍छरों और दूषित पानी के कारण फैलती हैं. वहीं इस मौसम में इम्‍यून सिस्‍टम भी कमजोर हो जाता है, ऐसे में लोगों को तेजी से बीमारियां चपेट में लेती हैं.

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इन 5 बीमारियों का सबसे ज्‍यादा खतरा

बारिश के मौसम में 5 बीमारियों टाइफाइड, डायरिया, वायरल बुखार, डेंगू और मलेरिया का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इसमें से मलेरिया और डेंगू मच्‍छरों के कारण फैलता है, टाइफाइड और डायरिया दूषित खाने और पानी से होता है. जबकि कुछ बैक्‍टीरिया वायरल फीवर की वजह बनते हैं.

इन बीमारियों का भी बढ़ता है रिस्‍क

मॉनसून का मौसम नमी का मौसम होता है. इसके कारण तमाम लोगों को सर्दी, जुकाम, खांसी और गले की खराश जैसी समस्‍याएं होने लगती हैं. इसके अलावा इस मौसम में डायजेशन काफी कमजोर हो जाता है, ऐसे में पेट से जुड़ी परेशानियां भी दिक्‍कत पैदा करती हैं. नमी के कारण फंगल इंफेक्‍शन का रिस्‍क भी इस मौसम में काफी बढ़ जाता है.

कैसे करें बचाव

  • घर के आसपास साफ-सफाई का विशेष खयाल रखें. पानी कहीं भी जमा न होने दें.
  • घर में खिड़कियों में जाली लगवाएं और जाली वाले दरवाजे भी लगवाएं, ताकि मच्‍छर न आ पाएं.
  • खानपान को लेकर सतर्क रहें. हल्‍की और सुपाच्‍य चीजें खाएं.
  • इस मौसम में दही, छाछ, हरे साग, बैंगन, गोभी आदि सब्जियों को खाने से परहेज करें.
  • बाहरी फूड को पूरी तरह से अवॉयड करें.
  • मौसमी फल रोजाना जरूर खाएं. इसके अलावा फाइबरयुक्‍त चीजें लें.
  • नाक और मुंह की सफाई अच्‍छे से करें. ताकि शरीर में ऑक्‍सीजन का प्रवाह अवरुद्ध न हो.
  • फिल्‍टर का पानी या उबला हुआ पानी ही पीएं.
  • छींकते या खांसते समय हमेशा मुंह और नाक को ढकें.
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