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Republic Day Chief Guest 2025: भारत इस साल 26 जनवरी को 76वां गणतंत्र दिवस (76th Republic Day) सेलिब्रेट करने जा रहा है. हर साल इस मौके पर किसी न किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाता है. इस साल इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (Indonesia President Prabowo Subianto) गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि होंगे. प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर वो 25-26 जनवरी, 2025 को दो दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत आएंगे.
इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी. गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत आए मुख्य अतिथि का विशेष स्वागत-सत्कार किया जाता है. मुख्य अतिथि कई औपचारिक गतिविधियों में सबसे आगे रहते हैं. उन्हें भारत के राष्ट्रपति के सामने 'गार्ड ऑफ ऑनर' (Guard of Honour) दिया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि मुख्य अतिथि का चुनाव कैसे किया जाता है? यहां जानिए इस बारे में.
मुख्य अतिथि किसे बनाना है, इसको लेकर विदेश मंत्रालय कई बातों पर काफी सोच विचार करता है. इसमें सबसे पहले भारत और उस देश के संबन्धों को ध्यान में रखा जाता है. ये देखा जाता है कि उस देश के साथ राजनीति, सेना और अर्थव्यवस्था का क्या कितना कनेक्शन है. ये भी ध्यान रखा जाता है कि आमंत्रित अतिथि को बुलाने से किसी अन्य देश से संबन्ध तो खराब नहीं होंगे.
इस तरह के अन्य तमाम मुद्दों पर विचार करने के बाद ही विदेश मंत्रालय मुख्य अतिथि की एक लिस्ट तैयार करता है. फिर ये लिस्ट प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजी जाती है. लिस्ट को अप्रूवल मिलने के बाद भारत उन देशों से बात करता है. इस बीच ये पता किया जाता है कि कौन से देश के राष्ट्राध्यक्ष 26 जनवरी को चीफ गेस्ट के तौर पर उपस्थित हो सकते हैं. उनके क्या प्लान हैं और क्या उनके पास समय है, इन सभी चीजों को ध्यान में रखा जाता है.
गणतंत्र दिवस पर किसे मुख्य अतिथि के आमंत्रण और उनके स्वागत-सत्कार की प्रक्रिया करीब छह महीने पहले से शुरू हो जाती है. इस बीच उन्हें निमंत्रण भेजना और निमंत्रण स्वीकार किए जाने के बाद उनके आने पर ठहरने और पूरी तरह से विशेष तरह मेहमान नवाजी देने की व्यवस्था, गणतंत्र दिवस उन्हें विशेष गार्ड ऑफ ऑनर देना, विशेष भोज वगैरह कई कार्यक्रमों की तैयारी शुरू हो जाती है.
26 जनवरी 1950 को जब भारत पहली बार गणतंत्र दिवस मना रहा था, तब देशवासियों में बेहद उत्साह था. आखिर लंबे अरसे के बाद भारत को ब्रिटिश हुकूमत से छुटकारा मिला था. ऐसे में गणतंत्र दिवस के दिन को बेहद खास बनाने के लिए चीफ गेस्ट बुलाए जाने की योजना बनाई गई. उस समय इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकर्णो देश के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे. तभी से गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट को आमंत्रित करने की परंपरा शुरू हो गई.