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सर्दियां शुरू होते ही दिल्ली में प्रदूषण (Pollution in Delhi) बढ़ जाता है. इन दिनों भी दिल्ली में काफी प्रदूषण है और AQI बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है, जिसकी वजह से लोगों के लिए सांस लेना भी दूभर हो गया है. लेकिन एक और बात ऐसी है जिसने दिल्लीवासियों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है और वो ये है कि दिल्ली अब देश का सबसे ज्यादा प्रदूषित राज्य बन गया है. ये बात सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट में सामने आई है.
CREA ने सालाना प्रदूषण पर एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि दिल्ली में वार्षिक औसत PM 2.5 स्तर 101 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर जा पहुंचा, जो भारतीय मानक से ढाई गुना और डब्ल्यूएचओ की सीमा से 20 गुना ज्यादा है. आइए आपको बताते हैं कि क्या होता है PM 2.5, ये कैसे सेहत पर असर डालता है और क्या हैं इस रिपोर्ट की खास बातें.
पीएम 2.5 (Particulate Matter 2.5) हवा में मौजूद बहुत ही छोटे-छोटे कण होते हैं. इनका साइज 2.5 माइक्रोमीटर या इससे भी कम होता है. सामान्य शब्दों में समझें तो एक इंसान के बाल का औसत व्यास लगभग 50 से 100 माइक्रोमीटर माना जाता है. यानी PM 2.5 उससे भी कई गुना पतला है. इतना छोटा होने की वजह से ये कण हवा में आसानी से फैल जाते हैं और नाक के फिल्टर या गले की नली से भी बिना रुके सीधे फेफड़ों और खून में पहुंच जाते हैं.
PM 2.5 इंसान के शरीर में जाकर कई तरह की दिक्कतें पैदा कर सकता है जैसे–
WHO के मुताबिक, PM 2.5 लंबे समय तक शरीर में जाए तो Life Expectancy तक कम हो सकती है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली के बाद चंडीगढ़ दूसरे स्थान पर रहा. इसके बाद हरियाणा, त्रिपुरा, असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, पंजाब, मेघालय और नागालैंड का स्थान है, ये सभी राष्ट्रीय मानक से ऊपर पाए गए. सीआरईए के विश्लेषक मनोज कुमार का कहना है कि भारत की वायु समस्या को सिर्फ शहरों की धुंध या सर्दियों की समस्या नहीं माना जा सकता, रिपोर्ट बताती है कि पूरे वर्ष और पूरे देश की समस्या है.
AQI यानी Air Quality Index में PM 2.5 का योगदान सबसे ज्यादा होता है. अगर हवा में PM 2.5 का लेवल बढ़ता है तो AQI सीधे Hazardous श्रेणी में पहुंच जाता है.
| AQI रेंज | स्थिति | असर |
|---|---|---|
| 0–50 | Good | समस्या नहीं |
| 51–100 | Moderate | संवेदनशील लोगों को परेशानी |
| 101–200 | Poor | सांस में दिक्कत |
| 201–300 | Very Poor | अस्थमा, कफ, एलर्जी |
| 301–400 | Severe | गंभीर स्वास्थ्य खतरा |
| 401–500+ | Hazardous | बाहर निकलना भी खतरनाक |