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प्रदूषण के चलते दिल्ली में हर दिन हालात खराब हो रहे हैं. पहली बार दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर Severe+ श्रेणी में पहुंच गया है. सोमवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 481 दर्ज किया गया है. अगर अलग-अलग इलाकों की बात करें तो राजधानी में अभी सबसे कम AQI अलीपुर इलाके में है जो 471 दर्ज किया गया है. बाकी अन्य जगहों के हालात इससे भी खराब हैं.
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और पर्यावरण मंत्रालय द्वारा गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने आज सोमवार से दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण (ग्रैप-4) को लागू कर दिया है. वहीं दिल्ली में 10वीं और 12वीं क्लास को छोड़कर अन्य सभी स्कूल बंद रहेंगे.
एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के छह मानक होते हैं, जो ये बताते हैं कि शहर की हवा सांस लेने योग्य है या नहीं. ये छह मानक हैं- अच्छी, संतोषजनक,सामान्य, खराब, बहुत खराब और गंभीर जैसी कैटेगरी शामिल हैं. 0-50 के बीच 'अच्छी', 51-100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'सामान्य', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच अगर AQI पहुंच जाए तो इसे 'गंभीर' माना जाता है.
राजधानी में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए सरकार ग्रेडेड एक्शन प्लान यानी GRAP लागू करती है. प्रदूषण के अलग-अलग स्तर के हिसाब से ग्रैप के अलग-अलग चरण लागू किए जाते हैं. इसके तहत सरकार पाबंदियां लगाती है और प्रदूषण कम करने के उपाय जारी करती है.
GRAP-1: खराब (AQI 201-300)
GRAP-2: बहुत खराब (AQI 301-400)
GRAP-3: गंभीर ( AQI 401 से 450)
GRAP-4: बहुत गंभीर ( AQI 450 से ज्यादा)