मैरिज सर्टिफिकेट एक बहुत जरूरी दस्तावेज होता है, जो विवाह की कानूनी मान्यता को साबित करता है. तमाम जगहों पर इस डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ती है. लेकिन कुछ लोगों का शादी के बाद भी मैरिज सर्टिफिकेट नहीं बन सकता. यहां जानिए इस बारे में.
1/6अगर लड़की की उम्र 18 साल से कम है और लड़के की उम्र 21 साल से कम है और उनकी शादी हो चुकी है, तो उस शादी को अवैध माना जाएगा और इसमें मैरिज सर्टिफिकेट नहीं बन सकता.
2/6भारत में हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) के तहत एक व्यक्ति सिर्फ एक शादी ही कर सकता है. अगर कोई व्यक्ति कानूनी रूप से पहली शादी को खत्म किए बिना दूसरी शादी करता है तो उसकी शादी को गैरकानूनी माना जाता है. ऐसे मामले में भी मैरिज सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा.
3/6अंतरधार्मिक विवाह जिसमें स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन न हुआ हो, उसे गैरकानूनी माना जाता है क्योंकि वो रजिस्ट्रेशन ही वैधता का प्रमाण है. इस प्रक्रिया को पूरा किए बगैर मैरिज सर्टिफिकेट नहीं बनेगा.
4/6अगर शादी उन रिश्तों में हुई है, जिनसे आपका सीधेतौर पर खून का संबन्ध हो, जो कानूनन या सामाजिक रूप से अवैध माने जाते हैं, तो ऐसी शादी को अमान्य माना जाता है. इसमें मैरिज सर्टिफिकेट नहीं मिलता है.
5/6अगर कोई भारतीय किसी दूसरे देश में जाकर शादी करता है तो उसे उस शादी को वहां के कानून के हिसाब से रजिस्टर कराना होगा. अगर उसका रजिस्ट्रेशन नहीं होगा तो शादी अमान्य मानी जाएगी और ऐसे मामले में भारत में मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने में परेशानी हो सकती है.
6/6भारतीय कानून के मुताबिक, शादी में दोनों पक्षों की सहमति जरूरी है. अगर कोई व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है और शादी के लिए सहमति नहीं दे सकता तो ऐसे कपल का मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना बहुत मुश्किल हो सकता है. इसके अलावा अगर शादी के कोई दस्तावेज मौजूद नहीं हैं तो भी मैरिज सर्टिफिकेट नहीं बन पाता है. (Disclaimer- इस्तेमाल की गई फोटोज Pexels से ली गई हैं)