US VISA:अमेरिका में काम करने का सपना देख रहे भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा झटका आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीज़ा को लेकर एक नया फैसला किया है जिससे भारतीय आईटी और अन्य प्रोफेशनल्स पर सीधा असर पड़ेगा. ट्रंप ने ‘Restriction on entry of certain nonimmigrant workers’ नाम से एक राष्ट्रपति आदेश (Proclamation) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसके तहत H-1B वीज़ा की सालाना फीस बढ़ाकर 1 लाख अमेरिकी डॉलर कर दी गई है. अमेरिकी सांसदों और कम्युनिटी लीडर्स ने इस फैसले को "लापरवाह" और "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया है.ऐसे में आइए जानते हैं कि भारतीयों को अमेरिका कुल कितने तरह का वीजा देता है और कौन सा वीजा आपके लिए सबसे सही है.
VIDEO- Upcoming IPOs: सितंबर के आखिरी हफ्ते में आएंगे 7 बड़े IPO, देखें डिटेल्स
1/10अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में H-1B वीज़ा पर बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने ‘Restriction on entry of certain nonimmigrant workers’ नाम का राष्ट्रपति आदेश (Proclamation) साइन किया है. इस फैसले के तहत H-1B वीज़ा की सालाना फीस बढ़ाकर 1 लाख अमेरिकी डॉलर कर दी गई है. अमेरिकी सांसदों और कम्युनिटी लीडर्स ने इसे “लापरवाह” और “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया है. इससे सबसे ज़्यादा असर भारतीय आईटी और टेक सेक्टर के प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा.
2/10अमेरिका यात्रा का सपना हर साल लाखों भारतीय देखते हैं. लेकिन वहां कदम रखने से पहले वीज़ा सबसे अहम दस्तावेज है. चाहे पढ़ाई करनी हो, नौकरी करनी हो, बिज़नेस करना हो या सिर्फ परिवार से मिलने जाना हो – हर भारतीय को अमेरिका जाने के लिए वीज़ा की ज़रूरत होती है. वीज़ा तय करता है कि आप कितने समय और किस उद्देश्य से अमेरिका रह सकते हैं.
3/10अमेरिका broadly दो तरह के वीज़ा जारी करता है. पहला है Non-immigrant Visa, जो अस्थायी यात्रा के लिए होता है जैसे पर्यटन, बिज़नेस, पढ़ाई या काम. दूसरा है Immigrant Visa, जिसे ग्रीन कार्ड भी कहते हैं, जो अमेरिका में स्थायी निवास के लिए होता है. हर वीज़ा का उद्देश्य और नियम अलग होता है.
4/10B-1 वीज़ा का इस्तेमाल बिज़नेस विज़िट, कॉन्फ्रेंस या ऑफिशियल मीटिंग्स के लिए किया जाता है. वहीं B-2 वीज़ा सबसे ज्यादा लोकप्रिय है क्योंकि इसका इस्तेमाल टूरिज़्म, वेकेशन, मेडिकल ट्रीटमेंट या परिवार से मिलने के लिए किया जाता है. भारत से मिलने वाला B-1/B-2 वीज़ा आम तौर पर 10 साल की वैधता और मल्टीपल एंट्री के साथ जारी होता है.
VIDEO- Shampoo से Coffee तक… 22 सितंबर से घटेगी GST, 15 आइटम होंगे सस्ते!
5/10अगर आप अमेरिका में पढ़ाई करना चाहते हैं तो आपके लिए खास स्टूडेंट वीज़ा होते हैं. F-1 वीज़ा यूनिवर्सिटी या कॉलेज लेवल स्टडी के लिए और M-1 वीज़ा वोकेशनल/ट्रेड स्कूल के लिए. वहीं J-1 वीज़ा एक्सचेंज प्रोग्राम, रिसर्च या Au pair जैसे कार्यक्रमों के लिए जारी किया जाता है. भारत से हर साल लाखों छात्र इन वीज़ा पर अमेरिका जाते हैं.
6/10
7/10अगर आपका इरादा अमेरिका में स्थायी रूप से बसने का है तो आपको Immigrant Visa यानी ग्रीन कार्ड लेना होगा. यह दो आधार पर मिलता है. परिवार आधारित वीज़ा (I-130 Petition), जिसे अमेरिकी नागरिक अपने रिश्तेदार के लिए अप्लाई कर सकता है. रोजगार आधारित वीज़ा, जब किसी अमेरिकी नियोक्ता ने आपको स्थायी नौकरी ऑफर की हो. Immigrant Visa के बाद आप अमेरिका में स्थायी रूप से रह और काम कर सकते हैं.
8/10
9/10सितंबर 2025 में अमेरिका सरकार ने ऐलान किया है कि जनवरी 2026 से Visa Integrity Fee नाम का नया सरचार्ज लागू होगा. यह $250 का नॉन-रिफंडेबल शुल्क होगा. इसके लागू होने के बाद B-1/B-2 वीज़ा की कुल लागत लगभग $472 हो जाएगी. यानी 2026 से वीज़ा अप्लाई करना भारतीयों के लिए काफी महंगा हो जाएगा.
10/10अमेरिकी वीज़ा पाने के लिए आपको DS-160 ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है. इसके बाद निर्धारित फीस जमा करनी होती है. अगला कदम है अमेरिकी दूतावास या कांसुलेट में इंटरव्यू देना. इंटरव्यू में आपके डॉक्युमेंट्स, उद्देश्य और बैकग्राउंड की जांच होती है. सही डॉक्युमेंट्स और तैयारी से आपका वीज़ा आसानी से मिल सकता है.