पैरासिटामोल और ऑटिज्म: WHO ने ट्रंप के बयान को नकारा, कहा- कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल के इस्तेमाल से ऑटिज्म का खतरा बढ़ सकता है. WHO ने स्पष्ट किया है कि इस दावे का समर्थन करने वाला कोई निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है.
पैरासिटामोल और ऑटिज्म: WHO ने ट्रंप के बयान को नकारा, कहा- कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का खंडन किया है, जिसमें उन्होंने 'गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल के इस्तेमाल से ऑटिज्म का खतरा' बताया था. उनके इस बयान ने दुनियाभर में बहस छेड़ दी है, क्योंकि पैरासिटामोल एक बेहद आम और सुरक्षित मानी जाने वाली दवा है. WHO ने साफ तौर पर कहा है कि इस दावे का समर्थन करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है.

ट्रंप का विवादित बयान

सोमवार (22 सितंबर) को व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान, ट्रंप ने गर्भवती महिलाओं से अपील की थी कि वे टाइलेनॉल में मुख्य घटक एसिटामिनोफेन (जिसे पैरासिटामोल भी कहा जाता है) लेने के बजाय अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का "डटकर सामना" करें. उन्होंने ये भी कहा था कि टाइलेनॉल लेना ठीक नहीं है और गर्भवती महिलाओं को "इसे न लेने के लिए जी-जान से कोशिश करनी चाहिए". उन्होंने आगे कहा कि केवल "बेहद तेज बुखार" में ही इसके इस्तेमाल को सही हो सकता है.

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WHO ने खारिज किए दावे

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य संस्था WHO ने बुधवार को एक बयान में कहा, "मौजूदा समय में गर्भावस्था के दौरान एसिटामिनोफेन (जिसे पैरासिटामोल भी कहते हैं) के इस्‍तेमाल और ऑटिज्म के बीच संभावित संबंध की पुष्टि करने वाला कोई निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है."

व्यापक शोध, पर कोई संबंध नहीं

WHO ने बताया कि पिछले एक दशक में इस विषय पर बड़े पैमाने पर शोध किया गया है. इसमें गर्भावस्था के दौरान एसिटामिनोफेन के इस्तेमाल और ऑटिज्म के बीच संबंधों की जांच करने वाले कई अध्ययन शामिल हैं. लेकिन, "फ़िलहाल, किसी भी शोध में कोई सुसंगत संबंध स्थापित नहीं हुआ है."

ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार: एक वैश्विक समस्या

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 6.2 करोड़ लोग (यानी हर 127 में से 1) ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार से ग्रस्त हैं. ये एक ऐसी स्थिति है जो मस्तिष्क के विकास से जुड़ी है. हालांकि हाल के सालों में इसकी जागरूकता और निदान में सुधार हुआ है, फिर भी इस स्थिति के पीछे का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चला है. इसके लिए कई कारक जिम्मेदार माने जाते हैं.

गर्भावस्था में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली दवा

एसिटामिनोफेन गर्भावस्था के दौरान ली जाने वाली सबसे आम ओवर-द-काउंटर दवा है. दुनिया भर में 50 प्रतिशत से ज़्यादा गर्भवती महिलाएं इस दवा का इस्तेमाल करती हैं. गर्भवती महिलाएं सिरदर्द, दर्द या बुखार के लिए इसका बड़े स्‍तर पर इस्तेमाल करती हैं. नियामक और नैदानिक ​​एजेंसियों ने गर्भावस्था में इसके इस्तेमाल को सुरक्षित बताया है.

WHO की सलाह: डॉक्टरों की सुनें

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी महिलाओं को अपने डॉक्टरों या स्वास्थ्य कर्मियों की सलाह का पालन करते रहने की सलाह दी है. ये विशेषज्ञ व्यक्तिगत परिस्थितियों का आकलन करने और ज़रूरी दवाओं की सलाह देने में मदद कर सकते हैं. WHO ने ये भी कहा, "गर्भावस्था के दौरान, खासकर पहले तीन महीनों में, किसी भी दवा का इस्तेमाल सावधानी से और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार किया जाना चाहिए."

बच्चों का टीकाकरण: एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

वहीं, बच्चों के टीकाकरण को लेकर वैश्विक स्वास्थ्य संस्था ने कहा कि बच्चों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम "सावधानीपूर्वक, व्यापक और साक्ष्य-आधारित प्रक्रिया के माध्यम से विकसित किए जाते हैं." WHO ने बताया कि इसने "पिछले 50 सालों में करीब 15.4 करोड़ लोगों की जान बचाई है" और बच्चों, किशोरों और वयस्कों को 30 संक्रामक रोगों से बचाता है.

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