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मजाक नहीं है माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई, खर्च जानकर घूम जाएगा आपका सिर
National Mountain Climbing Day History: हर साल 1 अगस्त को नेशनल माउंटेन क्लाइंबिंग डे (National Mountain Climbing Day) के तौर पर मनाया जाता है. ये दिन दो दोस्तों के सम्मान में मनाया जाता है. कहा जाता है कि बॉबी मैथ्यूज (Bobby Matthews) और उनके दोस्त जोश मैडिगन (Josh Madigan) प्रकृति के बेहद करीब थे. कहा जाता है कि 1 अगस्त को उन्होंने एडिरोंडैक पर्वत (Adirondack Mountains) की 46 चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी.
पर्वत पर चढ़ाई करने के बाद उन्होंने अपने अनुभवों को शेयर करते हुए कहा था कि जीवन में हर व्यक्ति को कम से कम एक बार पहाड़ की चढ़ाई जरूर करनी चाहिए, तब वो ये महसूस कर पाएगा कि शिखर पर पहुंचने के बाद कैसा लगता है. तब से हर साल अगस्त के पहले दिन नेशनल माउंटेन क्लाइंबिंग डे मनाया जाता है. पहाड़ों पर चढ़ाई की जब भी बात होती है तो माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) का नाम जरूर आता है. अगर आप भी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई का सपना देखते हैं, तो यहां जानिए इससे जुड़ी जरूरी बातें.
माउंट एवरेस्ट हिमालय पर्वत का हिस्सा है. इसे दुनिया की सबसे ऊंचा पर्वत माना जाता है. 8,848 मीटर की ऊंचाई वाले इस पर्वत की चढ़ाई किे लिए काफी धैर्य, हिम्मत और जोश के अलावा शारीरिक फिटनेस और आर्थिक रूप से सक्षम होने की भी जरूरत है क्योंकि माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना बहुत महंगा पड़ता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना इतना महंगा है कि इस कीमत में आप आसानी एक फ्लैट खरीद सकते हैं.
इस पर्वत की चढ़ाई के लिए परमिट और फीस, गियर और उपकरण जैसे हेलमेट, क्रैम्पन, कुल्हाड़ी, स्लीपिंग बैग, स्लीपिंग पैड, टैंट, भोजन वगैरह की जरूरत पड़ती है. इसके अलावा शेरपा गाइड, नेपाल में परिवहन, भोजन और आवास की लागत और तमाम अन्य खर्च जैसे इंश्योरेंस, पर्सनल आइटम, शेरपा आदि के लिए काफी खर्च देना पड़ता है. इसके अलावा माउंट एवरेस्ट को फतह करने के लिए फिजिकल ट्रेनिंग के लिए भी काफी रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं. सभी तरह के खर्च को मिलाकर पर्वतारोही को करीब 25 से 50 लाख रुपए के बीच खर्च उठाना पड़ सकता है. कई बार इससे ज्यादा भी खर्च हो सकता है.
माउंट एवरेस्ट नेपाल और तिब्बत सीमा के बीच है. वैसे तो इस पर पहुंचने के कई रास्ते हैं, लेकिन ज्यादातर पर्वतारोही दो रास्तों का चुनाव करते हैं. नेपाल में साउथ रूट और तिब्बत में नॉर्थ रूट. इसमें भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल नेपाल वाले रास्ते का किया जाता है क्योंकि तिब्बत से चढ़ाई काफी महंगी पड़ती है. इसके अलावा ज्यादातर ट्रेकिंग कराने वाली कंपनीज नेपाल में स्थित हैं.
माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के समय की बात करें तो मानसून से पहले का समय यानी मई के आसपास का समय इसके लिए उपर्युक्त माना जाता है. इस समय में मौसम काफी गर्म होता है. मानसून के महीने में यहां के रास्ते खतरनाक और फिसलनभरे हो जाते हैं. इस चढ़ाई में लगभग दो महीने लग जाते हैं. चढ़ाई के समय पर्वतारोही के साथ शेरपा गाइड्स भी साथ जाते हैं.
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