Mahakumbh 2025: महाकुंभ जा रहे हैं तो प्रयागराज की इन 5 जगहों को एक्‍सप्‍लोर करना न भूलें

प्रयागराज में इन दिनों महाकुंभ का आयोजन हो रहा है. देश-दुनिया के लोग वहां पहुंच रहे हैं. अगर आप भी इस मौके पर महाकुंभ जाने की प्‍लानिंग कर रहे हैं तो प्रयागराज की 5 जगहों को एक्‍सप्‍लोर करना न भूलें.
Mahakumbh 2025: महाकुंभ जा रहे हैं तो प्रयागराज की इन 5 जगहों को एक्‍सप्‍लोर करना न भूलें

इन दिनों हर जगह महाकुंभ की चर्चा है. संगम नगरी प्रयागराज में 144 साल बाद पूर्ण महाकुंभ का संयोग बना है. ऐसे में हर कोई प्रयागराज जाने की तैयारी कर रहा है. महाकुंभ भारत का सबसे बड़ा धार्मिक समागम माना जाता है. इसमें सिर्फ भारत से ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों से भी श्रद्धालु त्रिवेणी में आस्‍था की डुबकी लगाने आते हैं. महाकुंभ का समापन 26 फरवरी को होगा. अगर आप भी इस मौके पर प्रयागराज जाने का प्‍लान बना रहे हैं तो प्रयागराज की खास जगहों को एक्‍सप्‍लोर करना न भूलें. यहां जानें उन जगहों के बारे में.

बड़े हनुमान जी का मंदिर

प्रयागराज में गंगा-यमुना तट के पास बड़े हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है. इस मंदिर की बहुत मान्‍यता है. यहां हनुमान जी लेटी हुई अवस्था में विराजमान हैं. हनुमान जी की ये प्रतिमा 20 फीट की है. संगम नगरी में इन्‍हें बड़े हनुमानजी, किले वाले हनुमानजी, लेटे हनुमानजी और बांध वाले हनुमानजी के नाम से जाना जाता है. संगम में स्नान करनेवाले श्रद्धालु यहां दर्शन करना नहीं भूलते.

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किला

प्रयागराज में एक किला भी है जिसे इलाहाबाद किला भी कहा जाता है. कहा जाता है कि इलाहाबाद किले की स्थापना मुगल बादशाह अकबर ने की थी, इसलिए इसे अकबर फोर्ट के नाम से भी जाना जाता है. यहां पर तीन बड़ी गैलरी में अशोक स्तंभ, जोधाभाई महल और सरस्वती कूप देखने लायक जगहें हैं.

स्‍वराज भवन

स्‍वराज भवन मौजूदा समय में एक संग्रहालय है, लेकिन इसका संबन्‍ध नेहरू परिवार से रहा है. ये स्वराज भवन पहले नेहरू परिवार का निवास स्थान था, लेकिन बाद में इसे आजादी से संबंधित सभा और कार्यों का स्थानीय केंद्र बना दिया गया था. ये वो जगह है जहां इंदिरा गांधी का जन्‍म हुआ और पंडित जवाहर लाल नेहरू का बचपन बीता. आज के समय में ये प्रयागराज के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में से एक है. यहां नेहरू परिवार और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी एक रेयर फोटो गैलरी मौजूद है. साथ ही उस समय की गाड़ियां (बग्गी), गांधी जी का चरखा भी मौजूद है.

खुसरो बाग

प्रयागराज शहर के पश्चिम छोर प्रयागराज रेलवे स्टेशन के पास स्थित खुसरो बाग मुगलकालीन इतिहास की एक अमिट धरोहर है. जहांगीर ने इसे अपना आरामगाह बनाया था. जहांगीर के पुत्र खुसरो के नाम पर ही इसका नाम खुसरो बाग पड़ा. चारदीवारी के भीतर इस खूबसूरत बाग में बलुई पत्थरों से बने मकबरे मुगल वास्तुकला के बेहतरीन उदाहरण है.

जवाहर तारामंडल

प्रयागराज में आप जवाहर तारामंडल (जवाहर प्लैनेटोरियम) भी है. अगर आप ग्रह-नक्षत्रों में दिलचस्पी रखते हैं, तो यहां एक बार जरूर जाएं. यहां पर जाएंगे तो आपको शानदार अनुभव मिलेगा, जिसे आप भूल नहीं पाएंगे.

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