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First Lunar Eclipse 2025: साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण होली पर लगने जा रहा है. चंद्र ग्रहण जब भी लगता है, उस समय पूर्णिमा तिथि होती है. इस साल चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) 14 मार्च, शुक्रवार को लगेगा. भारत के समयानुसार ये चंद्र ग्रहण सुबह 9 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. हालांकि चंद्र ग्रहण पूरी तरह खत्म होने का समय दोपहर साढ़े तीन बजे तक है. इस साल पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसे लोग ब्लड मून कह रहे हैं. ये एक दुर्लभ खगोलीय संयोग है, जिसमें चंद्रमा का रंग लाल हो जाता है. आइए आपको बताते हैं कि आखिर चंद्रमा का रंग लाल कैसे हो जाता है.
चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है. दरअसल पृथ्वी सूर्य के चक्कर लगाती है और चंद्रमा पृथ्वी के चक्कर लगाता है. इसी क्रम में ऐसी स्थिति बनती है जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी अपनी छाया से चंद्रमा को पूरी तरह से ढक लेती है. उस पर सूर्य की रोशनी नहीं आ पाती. इस स्थिति को पूर्ण चंद्र ग्रहण कहा जाता है. वहीं जब सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी पूरी तरह से न आकर पृथ्वी की छाया चंद्रमा के कुछ हिस्से पर ही पड़ती है तो इससे चंद्रमा का कुछ हिस्सा ही पृथ्वी की छाया से ढक पाता है. इसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जाता है.
जब पृथ्वी की छाया से चंद्रमा पूरी तरह से ढक जाता है और उस पर सूर्य की रोशनी आना बंद हो जाती है, तो ऐसे में भी चंद्रमा काले रंग का नहीं दिखता क्योंकि वातावरण में मौजूद धूल, गैस और अन्य कणों के कारण लाल रंग की किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं. इनके कारण चंद्रमा का रंग लाल दिखने लगता है. इस घटना को ‘रैले स्कैटरिंग’ प्रभाव कहा जाता है. जब सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरती है, तो नीली किरणें बिखर जाती हैं और लाल रंग की किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं. इस कारण चंद्रमा का रंग लाल सा दिखने लगता है. इसे ब्लड मून भी कहा जाता है.
ये ब्लड मून ऑस्ट्रेलिया, वेस्टर्न अफ्रीका, यूरोप, प्रशांत महासागर, अटलांटिक, आर्कटिक महासागर, नॉर्थ अमेरिका और साउथ अमेरिका से नजर आएगा. भारत में नहीं दिखने की वजह से यहां सूतक के नियम भी लागू नहीं होंगे. ऐसे में होलिका दहन से लेकर होली से जुड़ा कोई भी काम चंद्र ग्रहण के चलते नहीं रुकेगा.