हार्ट अटैक और स्ट्रोक कोई अचानक नहीं आते: 4 बड़े संकेतों का रिसर्च में हुआ खुलासा!

नई रिसर्च ने दिल की बीमारियों को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. जानिए हार्ट अटैक, स्ट्रोक या हार्ट फेल से पहले शरीर में दिखने वाले 4 मुख्य जोखिम कारक क्या हैं और कैसे इन्हें पहचानकर अपनी जान बचाई जा सकती है.
हार्ट अटैक और स्ट्रोक कोई अचानक नहीं आते: 4 बड़े संकेतों का रिसर्च में हुआ खुलासा!

अक्सर हम सोचते हैं कि दिल का दौरा (हार्ट अटैक), स्ट्रोक या हार्ट फेल जैसी गंभीर बीमारियां अचानक और बिना किसी चेतावनी के आ जाती हैं. ये धारणा अब एक नई रिसर्च ने पूरी तरह से गलत साबित कर दी है. इस रिसर्च से पता चला है कि दिल की गंभीर बीमारी होने से पहले हमारा शरीर कई तरह के चेतावनी के संकेत देता है, जिन्हें अक्सर हम नज़रअंदाज़ कर देते हैं.

99% मामलों में मौजूद होता है जोखिम फैक्‍टर

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अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी और साउथ कोरिया की योन्सेई यूनिवर्सिटी द्वारा मिलकर की गई इस रिसर्च ने खुलासा किया है कि 99 प्रतिशत मामलों में, दिल से जुड़ी कोई भी गंभीर बीमारी जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक या हार्ट फेल होने से पहले शरीर में कोई न कोई जोखिम फैक्टर पहले से मौजूद होता है. ये स्टडी हमारी पारंपरिक सोच को चुनौती देती है और बताती है कि इन जानलेवा बीमारियों को पहचाना और रोका जा सकता है.

20 सालों की रिसर्च: 93 लाख लोगों का डेटा विश्लेषण

इस बड़े पैमाने की स्टडी में वैज्ञानिकों ने करीब 93 लाख कोरियाई और 7,000 से अधिक अमेरिकी लोगों के स्वास्थ्य डेटा का गहन विश्लेषण किया. इन सभी लोगों को लगभग 20 सालों तक फॉलो किया गया ताकि उनके स्वास्थ्य में आने वाले बदलावों को बारीकी से समझा जा सके.

अध्ययन में ये साफ देखा गया कि जिन लोगों को बाद में हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर या स्ट्रोक जैसी बीमारियां हुईं, उनमें से लगभग सभी में पहले से एक या उससे अधिक जोखिम कारक मौजूद थे. ये चार मुख्य Risk Factors जो सबसे आम पाए गए, वो हैं:

  1. हाई ब्लड प्रेशर
  2. हाई कोलेस्ट्रॉल
  3. हाई ब्लड शुगर
  4. तंबाकू का सेवन (धूम्रपान)

सबसे बड़ा जोखिम: हाई ब्लड प्रेशर

इस रिसर्च में सबसे ज्यादा पाया गया Risk Factor हाई ब्लड प्रेशर था. डेटा के अनुसार:

  • कोरिया में: 95 फीसदी से अधिक मरीजों में दिल की बीमारी से पहले ब्लड प्रेशर सामान्य से ऊपर पाया गया.
  • अमेरिका में: 93 फीसदी से ज्यादा मरीजों में दिल की बीमारी से पहले हाई ब्लड प्रेशर की समस्या मौजूद थी.

ये आंकड़े बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर दिल से जुड़ी बीमारियों का सबसे बड़ा और आम अग्रदूत है, जिसे अक्सर लोग गंभीरता से नहीं लेते.

युवा महिलाओं में भी जोखिम फैक्‍टर मौजूद

अक्सर ये माना जाता है कि युवा महिलाओं में दिल की बीमारी का खतरा पुरुषों या बुजुर्गों की तुलना में कम होता है. लेकिन इस रिसर्च ने इस धारणा को भी गलत साबित किया. स्टडी में पाया गया कि युवा महिलाओं में भी 95 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में कोई न कोई जोखिम कारक पहले से मौजूद था, भले ही उन्हें आमतौर पर कम जोखिम वाला माना जाता हो. ये दर्शाता है कि किसी भी उम्र या लिंग के व्यक्ति को इन जोखिम कारकों को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

डॉ. फिलिप ग्रीनलैंड का बयान

इस रिसर्च के सीनियर लेखक डॉ. फिलिप ग्रीनलैंड ने निष्कर्षों पर जोर देते हुए कहा, ''ये रिसर्च इस बात का अकाट्य सबूत है कि दिल की बीमारियां अचानक नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे पहले से मौजूद कारण होते हैं, जिन्हें पहचाना और रोका जा सकता है. अब समय आ गया है कि हम उन कारणों पर गंभीरता से ध्यान दें जिन्हें बदला जा सकता है, जैसे कि हाई बीपी, शुगर को कंट्रोल करना, स्मोकिंग छोड़ना और कोलेस्ट्रॉल को सामान्य बनाए रखना.'' उनका ये बयान स्वास्थ्य नीति निर्माताओं और आम जनता दोनों के लिए एक वेक-अप कॉल है.

सेकेंडरी एनालिसिस भी करता है पुष्टि

स्टडी में एक सेकेंडरी एनालिसिस भी किया गया, जिसमें डॉक्टरों द्वारा तय की गई गंभीर सीमाओं को आधार बनाया गया. जैसे:

  • ब्लड प्रेशर 140/90 से ऊपर
  • कोलेस्ट्रॉल 240 से ज्यादा
  • ब्लड शुगर 126 से ऊपर
  • नियमित रूप से स्मोकिंग करना

इस विश्लेषण में भी ये चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि 90 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों में पहला हार्ट अटैक या स्ट्रोक आने से पहले ये गंभीर स्तर के जोखिम कारक मौजूद थे. ये पुष्टि करता है कि इन जोखिम कारकों को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है.

अपनी सेहत का रखें ख्याल

इस रिसर्च का सबसे बड़ा संदेश ये है कि दिल की बीमारियों को रोका जा सकता है. अपनी जीवनशैली में बदलाव करके और इन जोखिम कारकों को नियंत्रित करके हम अपनी जान बचा सकते हैं:

  • नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करें और उसे नियंत्रित रखें.
  • अपने कोलेस्ट्रॉल स्तर को सामान्य बनाए रखें.
  • ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखें, खासकर अगर आपको डायबिटीज है.
  • तंबाकू का सेवन (स्मोकिंग) तुरंत बंद करें.
  • नियमित व्यायाम करें.
  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें.
  • तनाव कम करें.
  • नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं.

इन सावधानियों से आप दिल की गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी कम कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं.

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