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सर्दियों में कम शारीरिक गतिविधियां, अधिक कैलोरी व जंक फूड का सेवन करने से ब्रेन स्ट्रोक व पैरालाइसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है.
ठंड में मौसम में सेहत के प्रति ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है. जरी सी लापरवाही ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों को बढ़ाती है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत एक अध्ययन के अनुसार, तापमान में हर पांच डिग्री की कमी पर स्ट्रोक के कारण अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम 6% तक बढ़ जाता है. आज हम आपको बताएंगे सर्दियों के महीनों के दौरान स्ट्रोक और हार्ट का खतरा किन कारणों से बढ़ सकता है और इसके बचाव के क्या तरीके हैं.
- दिल्ली में बीएलके मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के एसोसिएट डायरेक्टर (न्यूरोलॉजी) डॉ. विनीत बांगा बताते हैं कि ठंड के मौसम में नसें सिकुड़ जाती है, जिसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है. हाई ब्लड प्रेशर स्ट्रोक के लिए एक जाना-माना रिस्क फैक्टर है और इसके मौसमी उतार-चढ़ाव सर्दियों में स्ट्रोक की बढ़ती घटनाओं को समझा सकते हैं.
- सर्दियों के दौरान, लोग कम सक्रिय होते हैं, कम शारीरिक गतिविधियां करते हैं और अधिक कैलोरी व अस्वस्थ्य भोजन का सेवन करते हैं. यह मोटापे ब्रेन स्ट्रोक व पैरालाइसिस जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं.
- मौसम में तापमान में कमी के कारण रक्त गाढ़ा होने लगता है और खून की पतली नली संकरी हो जाती है, जिसका असर ब्लड पर प्रेशर पर पड़ता है. रक्त के थक्कों (blood clots) के कारण मस्तिष्क तक जाने वाली रक्त वाहिका में रुकावट स्ट्रोक के मुख्य कारणों में से एक है.
स्ट्रोक और हार्ट अटैक के खतरों को कम करना चाहते हैं तो बीपी को कंट्रोल में रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. खाने में नमक कम करे और फल, हरी सब्जियां और सलाद की मात्रा बढ़ाएं. नियमित तौर पर एक्सराइज करना न भूलें.
ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का लेवल हाई न होने दें. वरना ये नसों में जमा होकर ब्लड सर्कुलेशन को बाधित कर सकते हैं. इसलिए कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करें और इसके लिए सुबह-सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन और मेथी खाना शुरू कर सकते हैं. इसके अलावा ठंड के मौसम में ज्यादा वसा वाले पदार्थ न खाएं.
धूम्रपान, शराब, तंबाकू का सेवन स्ट्रोक के खतरे को कई गुना तक बढ़ा सकता है. ऐसे में शराब-सिगरेट या कोई भी नशीली चीज का सेवन करने से बचें. इतना ही नहीं क्विक एनर्जी ड्रिंक या सोडा से भी परहेज करें.
सर्दी के मौसम में नहाते समय गर्म पानी से भले ही नहाएं लेकिन कभी भी सीधे पानी सिर पर न डालें. सबसे पहले पैर, पीठ या गर्दन पर पानी डालें और इसके बाद ही सिर पर पानी डालकर नहाएं. इसके अलावा नहाने के तुरंत बाद बाथरूम से बाहर न आएं. कपड़े पहनकर आराम से निकलें.
वैसे तो सूरज को विटामिन-डी का रिच सोर्स माना जाता है, लेकिन ठंड के मौसम में कोहरे का कारण धूप के दर्शन नहीं होते. इसलिए विटामिन-डी के लिए मशरूम, दूध, अंडे, मछली आदि अपनाी डाइट में शामिल कर सकते हैं.
अगर तापमान कम हो तो घर में ही रहने की कोशिश करें. यदि संभव न हो तो घर से पूरा कवर होकर निकलें. अपना सर, मुंह व कान अच्छे से ढक लें. विंगचीटर का इस्तेमाल करें.