FIDE Women's Chess World Cup: कौन हैं कोनेरू हम्पी और दिव्‍या देशमुख जिनके बीच होगा India Vs India का मुकाबला!

जॉर्जिया के बाटुमी में खेले जा रहे महिला शतरंज वर्ल्ड कप (Women's Chess World Cup) के फाइनल में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्‍प होगा. ये मुकाबला दो भारतीय खिलाड़‍ियों के बीच खेला जाएगा. शतरंज के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब शतरंज के फाइनल में दो भारतीय खिलाड़ी आपस में मुकाबला करेंगे. यहां जानिए कोनेरू हम्पी और दिव्‍या देशमुख का पूरा प्रोफाइल.
FIDE Women's Chess World Cup: कौन हैं कोनेरू हम्पी और दिव्‍या देशमुख जिनके बीच होगा India Vs India का मुकाबला!

Image Credit- FIDE

इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) महिला शतरंज विश्व कप का फाइनल इस बार बेहद दिलचस्‍प होने वाला है. मुकाबला जीते कोई भी, लेकिन ट्रॉफी भारत के पास ही आएगी क्‍योंकि इस बार ये मुकाबला दो भारतीय खिला‍ड़‍ियों के बीच खेला जाएगा. दरअसल जॉर्जिया के बाटुमी में खेले जा रहे महिला शतरंज वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत की दो खिलाड़ी ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख ने जगह बना ली है. शतरंज के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब शतरंज के फाइनल में दो भारतीय खिलाड़ी आपस में मुकाबला करेंगे.

भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने गुरुवार को चीन की टिंगजी लेई को टाईब्रेकर में हराकर फाइनल में जगह बनाई है. वहीं भारत की ही दिव्या देशमुख एक दिन पहले ही इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच चुकी हैं. अब ये दोनों खिलाड़ी 26 और 27 जुलाई को खिताब के लिए आमने-सामने होंगी.

कौन हैं ग्रैंडमास्‍टर कोनेरू हम्‍पी?

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कोनेरू हम्पी भारत की सबसे बेहतरीन महिला शतरंज खिलाड़ियों में से एक हैं और उन्होंने अपने शानदार खेल से पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है. 31 मार्च 1987 को आंध्र प्रदेश के गुडिवाडा में जन्‍मी हम्पी महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप की उपविजेता और दो बार की महिला विश्व रैपिड शतरंज चैंपियन हैं. उनके पिता खुद भी शतरंज के बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं. बहुत छोटी उम्र से ही उनके पिता ने उन्हें शतरंज के गुर सिखाना शुरू कर दिया था.

2002 में, हम्‍पी ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी और पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं, उनकी उम्र 15 साल, 1 महीने, 27 दिन थी. ये रिकॉर्ड अब तक केवल होउ यिफान ने तोड़ा है. हम्पी ओलंपियाड, एशियाई खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता हैं. हम्‍पी को शतरंज में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार ने 2007 में पद्म श्री से सम्मानित किया.वहीं उन्हें 2003 में अर्जुन पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है.

कौन हैं दिव्‍या देशमुख?

दिव्या देशमुख भी भारतीय शतरंज की उभरती हुई खिलाड़ी हैं. नागपुर की रहने वाली दिव्या ने अपनी तेज चालों और बेहतरीन खेल से शतरंज की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई है. छोटी उम्र में ही, उन्‍होंने बड़ी उपलब्धियां अपने नाम की हैं. महिला ग्रैंडमास्टर और अंतर्राष्ट्रीय मास्टर का खिताब प्राप्त कर चुकींं दिव्‍या ओलंपियाड में तीन बार स्वर्ण पदक विजेता रही हैं. दिव्‍या देशमुख ने एशियाई चैम्पियनशिप, विश्व जूनियर चैम्पियनशिप और विश्व युवा चैम्पियनशिप में भी कई स्वर्ण पदक जीते हैं.

देशमुख 2021 में भारत की 21वीं महिला शतरंज ग्रैंडमास्टर बनीं. उन्होंने 2022 महिला भारतीय शतरंज चैंपियनशिप जीती. उन्होंने 2022 शतरंज ओलंपियाड में व्यक्तिगत कांस्य पदक भी जीता है. मई 2024 में, देशमुख शारजाह चैलेंजर्स चैंपियन बनीं, एक बड़ी ओपन टूर्नामेंट जीत जिसने उन्हें अगले वर्ष शारजाह मास्टर्स में जगह दिलाई. जून में, वे 2024 की FIDE विश्व U20 गर्ल्स शतरंज चैंपियन बनीं. दिव्‍या कोनेरू हम्पी, हरिका द्रोणावल्ली और सौम्या स्वामीनाथन के बाद विश्व जूनियर गर्ल्स का खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय बनीं.

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