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बॉलीवुड के ही-मैन कहे जाने वाले धर्मेंद्र का नाम काफी चर्चा में है. सांस की तकलीफ होने की वजह से उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है. 89 साल के धर्मेंद्र की हालत नाजुक बनी हुई है. लेकिन इस बीच उनकी मौत की झूठी खबर फैल गई, जिसके बाद सुर्खियां तेज हो गईं. लेकिन धर्मेंद्र अभी जिंदा हैं और इस बात की पुष्टि उनकी बेटी ऐशा देओल ने खुद की है. बॉलीवुड अभिनेत्री एशा देओल ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर करते हुए बताया कि उनके पिता जीवत हैं. वो अभी स्टेबल हैं और उनकी रिकवरी हो रही है. ऐशा ने धर्मेंद्र की मौत की खबर को महज अफवाह करार दिया है.
बता दें कि धर्मेंद्र बॉलीवुड के ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने अपनी एक्टिंग से न सिर्फ लोगों का दिल जीता है, बल्कि लंबे समय तक बॉलीवुड पर राज किया. उनके फैन प्यार से उन्हें धरम पाजी और गरम-धरम जैसे नामों से पुकारते हैं. अपने करियर में उन्होंने 300 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया, लेकिन क्या आपको पता है कि उन्हें असली स्टारडम किस फिल्म से मिला था. आइए बताते हैं उस फिल्म के बारे में जिसने एक गांव के साधारण लड़के को बॉलीवुड का सुपरस्टार बना दिया.
पंजाब के लुधियाना के नसराली गांव में जन्मे धर्मेंद्र बचपन से ही फिल्मों के दीवाने थे. उनका यही शौक उन्हें मुंबई तक खींचकर लाया. अपने गांव से मीलों दूर एक सिनेमाघर में उन्होंने सुरैया की फिल्म 'दिल्लगी' देखी और इससे वे इतने प्रभावित हुए कि तभी निश्चय कर लिया कि वो भी अपना करियर फिल्मों में बनाएंगे. एक दिन उन्हें पता चला कि फिल्मफेयर नामक पत्रिका नई प्रतिभा की खोज कर रही है.
खबर मिलते ही उन्होंने भी फॉर्म भेज दिया और अपनी प्रतिभा की बदौलत वे इस टैलेंट हंट में चुन लिए गए. यहां से उनका मुंबई का सफर शुरू हुआ. न्यू टैलेंट अवॉर्ड जीतकर वो मुंबई पहुंचे. साल 1960 में उन्होंने फिल्म 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' से एक्टिंग डेब्यू किया. हालांकि उनकी ये फिल्म कुछ खास कमाल न कर सकी, लेकिन इस फिल्म में इंडस्ट्री में करियर के रास्ते उनके लिए खोल दिए थे.
साल 1961 में उनकी फिल्म शोला और शबनम रिलीज हुई. ये फिल्म धर्मेंद्र पाजी के करियर का असली टर्निंग प्वॉइंट बनी. फिल्म में तरला मेहता और धर्मेंद्र की केमिस्ट्री लोगों को खूब पसंद आई. फिल्म की कहानी और गानों ने लोगों का दिल छू लिया और धर्मेंद्र को रातोंरात स्टार बना दिया. इस फिल्म ने दुनियाभर में जबरदस्त कमाई की. फिल्म का बजट सिर्फ 30 लाख रुपए था. लेकिन भारत में इसने करीब 55 लाख रुपए कमाए और वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1 करोड़ 10 लाख का कलेक्शन किया. उस वक्त में ये बहुत बड़ा आंकड़ा था. इस फिल्म के बाद धर्मेंद्र ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
अपने करियर में धर्मेंद्र ने 300 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया. इसमें 'अनपढ़', 'बंदिनी', 'शोले', 'सीता और गीता', 'धरम वीर', 'यादों की बारात', 'ड्रीमगर्ल',और 'चुपके चुपके' जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं. 89 की उम्र पर पहुंचने के बाद धर्मेंद्र फिल्मों में सक्रिय हैं. हाल ही में उन्हें रॉकी और रानी की प्रेम कहानी में शबाना आजमी के साथ रोमांस करते देखा गया. वो अगस्त्य नंदा की इक्कीस में भी नजर आने वाले हैं. ये फिल्म 25 दिसंबर को रिलीज होगी.
अपने फिल्मी करियर के दौरान धर्मेंद्र को कई अवॉर्ड मिले. इसमें नेशनल अवॉर्ड जीता और फिल्मफेयर के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी शामिल है. इसके अलावा उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए साल 2012 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.