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दिल्ली-एनसीआर में मौसम अब पूरी तरह बदलने लगा है. अक्टूबर का आखिरी हफ्ता खत्म होने के साथ ही सुबह-शाम ठंडक अब काफी महसूस की जाने लगी है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी. राजधानी और उससे सटे शहरों — नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद — में दिन के तापमान में जहां हल्की कमी दर्ज की जा रही है, वहीं रातें और ठंडी हो गई हैं.
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस हफ्ते अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की उम्मीद की जा रही है. हवा में नमी का स्तर 50 से 90 प्रतिशत के बीच रहेगा, जिससे सुबह और शाम के समय स्मॉग और फॉग का असर दिखाई देगा. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ठंड के शुरुआती दौर में प्रदूषण और नमी का मेल एक खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है, जिसे आम भाषा में ‘स्मॉग’ कहा जाता है.
29 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, 30 अक्टूबर को हल्का कोहरा (शैलो फॉग) छाया रहने वाला है. तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद आने वाले दिनों में हवा की गति कम होने से धुंध और प्रदूषण का असर और बढ़ने वाला है. मौसम विभाग ने 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक ‘मिस्ट’ की स्थिति बताई है, यानी सुबह के समय आसमान में धुंध और कोहरे की परत छाई रहेगी.
दिल्ली-एनसीआर में पहले से ही वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है. तापमान घटने और हवाओं की रफ्तार धीमी होने से प्रदूषक तत्व ऊपर नहीं उठ पाते, जिससे स्मॉग और ज्यादा घना हो जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्मॉग आंखों में जलन, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और अस्थमा जैसी बीमारियों को बढ़ा सकता है. डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह के समय बाहर निकलने वाले लोग मास्क का इस्तेमाल करें और बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के कई इलाकों में सुबह के समय दृश्यता प्रभावित होने लगी है.इससे दफ्तर या स्कूल जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ट्रैफिक पुलिस ने भी सलाह दी है कि ड्राइवर हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें और स्पीड सीमित रखें.
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है और आने वाले हफ्ते तक मौसम शुष्क रहेगा. नमी और प्रदूषण के मेल से सुबह और शाम के समय हल्का कोहरा छाया रहेगा, जिससे ठंड का एहसास और बढ़ जाएगा. नवंबर के पहले सप्ताह के बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे लोगों को भारी कपड़ों की जरूरत महसूस होगी.
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही प्रदूषण पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की समस्या और गंभीर हो सकती है. सरकारी एजेंसियों ने पहले ही निर्माण कार्यों पर रोक और पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए हैं. साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि पटाखे न जलाएं और निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें.कुल मिलाकर, इस बार एनसीआर के लोगों को ठंड के साथ-साथ स्मॉग और फॉग दोनों से दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ेगा.तो इसलिए, सावधानी बरतना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है.
प्रश्न: दिल्ली-एनसीआर में तापमान कितना गिरने वाला है?
उत्तर: आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है.
प्रश्न: स्मॉग और फॉग के कारण क्या परेशानी हो सकती है?
उत्तर: दृश्यता कम होगी और सांस व आंखों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
प्रश्न: क्या बारिश की संभावना है?
उत्तर: मौसम विभाग ने फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है.
प्रश्न: स्मॉग से बचने के लिए क्या उपाय करें?
उत्तर: मास्क पहनें, सुबह की सैर से बचें और एयर प्यूरीफायर का प्रयोग करें.
प्रश्न: ठंड का असर कब और बढ़ेगा?
उत्तर: नवंबर के पहले सप्ताह के बाद ठंड का असर और तेज़ होने की संभावना है.
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