&format=webp&quality=medium)
दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए दिसंबर का आखिरी हफ्ता भारी पड़ता दिख रहा है. ठंड लगातार बढ़ रही है, कोहरा सुबह-शाम परेशानी बढ़ा रहा है और ऊपर से प्रदूषण ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. मौसम और हवा की इस तिहरी मार ने आम लोगों की दिनचर्या से लेकर सेहत तक को प्रभावित कर दिया है. कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 400 के पार पहुंच गया है, जो बेहद खतरनाक माना जाता है.
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 26 से 28 दिसंबर तक दिल्ली-एनसीआर में मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहेगा. अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है.
आर्द्रता का स्तर 90 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिसकी वजह से कोहरा और स्मॉग ज्यादा घना हो सकता है. फिलहाल मौसम विभाग ने कोई औपचारिक चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन हालात सामान्य भी नहीं कहे जा सकते.
प्रदूषण के मोर्चे पर दिल्ली की हालत बेहद खराब बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPCB) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में एक्यूआई रेड जोन में पहुंच चुका है, जबकि कुछ जगहों पर यह 400 के पार दर्ज किया गया है.
दिल्ली के इलाकों में विवेक विहार (376), सोनिया विहार (362), वजीरपुर (355), रोहिणी (353), आनंद विहार (390), बवाना (379), चांदनी चौक (354) और डीटीयू (349) जैसे क्षेत्रों में हवा बेहद खराब श्रेणी में रही. वहीं, आया नगर में एक्यूआई 219 और मथुरा रोड पर 279 दर्ज किया गया, जो अपेक्षाकृत कम जरूर है, लेकिन अब भी स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता
दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के दूसरे शहरों में स्थिति और ज्यादा चिंताजनक दिखी.
ठंड, कोहरा और प्रदूषण के इस ट्रिपल अटैक से बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा खतरा है. डॉक्टरों का कहना है कि लोग बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें और सुबह-शाम की सैर से फिलहाल बचें. आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत या खांसी की शिकायत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में ठंड और बढ़ सकती है. इसके साथ ही कोहरा और जहरीली हवा लोगों की परेशानी बढ़ाए रख सकती है. जब तक तेज हवा या बारिश नहीं होती, तब तक प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम है. इस समय सुबह और देर शाम की सैर से बचना बेहतर है.
AQI 400 से ऊपर होना बेहद गंभीर स्थिति मानी जाती है, जो सभी उम्र के लोगों की सेहत के लिए खतरनाक होती है.
इस समय बाहर निकलना सुरक्षित नहीं है. अगर निकलना जरूरी हो, तो मास्क जरूर पहनें.
बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल के मरीजों को खास सावधानी रखनी चाहिए.
फिलहाल मौसम में बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, इसलिए तुरंत राहत की उम्मीद कम है.