दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का कहर, कई इलाकों में AQI 400 के पार…GRAP के अगले चरण की तैयारी

इस मौसम बदलाव के साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बेहद खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के अगले चरण को लागू करने की संभावना बढ़ गई है.
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का कहर, कई इलाकों में AQI 400 के पार…GRAP के अगले चरण की तैयारी

दिल्ली-एनसीआर का मौसम करवट ले रहा है, लेकिन ठंडक के साथ ही वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जो सर्दी के आगमन का संकेत है. हालांकि, इस मौसम बदलाव के साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बेहद खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के अगले चरण को लागू करने की संभावना बढ़ गई है.

तापमान में गिरावट और सर्दी का आगाज

मौसम विभाग की 7 दिनों की रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. ये स्पष्ट रूप से दिखाता है कि धीरे-धीरे सर्दी दस्तक दे रही है.

वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में, कई जगहों पर 'गंभीर' हालात

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है.

  • दिल्ली: आनंद विहार में AQI 431, बवाना में 401 और चांदनी चौक में 371 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी को दर्शाता है.
  • नोएडा: सेक्टर-125 में AQI 371, सेक्टर-116 में 360 और सेक्टर-1 में 318 मापा गया.
  • गाजियाबाद: लोनी क्षेत्र में AQI 350 और इंदिरापुरम में 326 के पार चला गया.

इन आंकड़ों का सीधा मतलब है कि इन इलाकों की हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है और इसका स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है.

प्रदूषण बढ़ने के कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में कमी और हवा की गति धीमी होने से प्रदूषक तत्व वातावरण की निचली परत में रुक जाते हैं, जिससे AQI में तेजी से वृद्धि होती है. इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं, दिल्ली-एनसीआर में चल रहे निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल और वाहनों का बढ़ता धुआं भी इस गंभीर स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं.

GRAP के अगले चरण की तैयारी

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, पर्यावरण विभाग के सूत्रों ने संकेत दिया है कि यदि वायु गुणवत्ता का स्तर इसी प्रकार बना रहता है, तो अगले 48 घंटों में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के अगले चरण को लागू किया जा सकता है. इस चरण में निम्नलिखित कदम शामिल हो सकते हैं:

  • गैर-आवश्यक निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध.
  • डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर पाबंदी.
  • सड़कों की मैकेनिकल सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाना.
  • सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना.

सलाह और आगे का अनुमान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुबह-शाम के समय बाहर जाने से बचें, विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोग. घर के भीतर की हवा की गुणवत्ता बनाए रखने और बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करने की सलाह दी गई है.

मौसम विभाग ने भी आगाह किया है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट के साथ प्रदूषण का स्तर कुछ और बढ़ सकता है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है.

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