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दिल्ली-NCR में ठंड ने जैसे ही दस्तक दी, हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ने लगी. नमी बढ़ने और ठंडी हवाओं के चलते पॉल्यूशन जमीन के पास ठहर गया है. नतीजा ये कि कुछ इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है और लोग गैस चैम्बर जैसे माहौल में सांस लेने को मजबूर हैं.
भारत मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि 12, 13 और 14 दिसंबर को पूरे दिल्ली-NCR में शैलो से मॉडरेट फॉग छाया रहेगा. 12 दिसंबर को अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री रहने का अनुमान है. इसी तरह अगले कुछ दिन भी रह सकते हैं.
नमी बढ़ने और हवा की रफ्तार धीमी होने से हवा में मौजूद पॉल्यूटेंट ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं, इसलिए ज़हरीली हवा और भारी हो गई है.
नोएडा के लगभग सभी सक्रिय स्टेशन “गंभीर” स्तर पर दर्ज किए गए हैं.
लोगों ने सुबह और रात में सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ने की शिकायत की है.
यहां भी हवा “बहुत खराब” श्रेणी में दर्ज की गई है.
गाजियाबाद के कई क्षेत्रों में AQI रेड ज़ोन में पहुंच चुका है.
लोनी सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्र के रूप में उभरा है.
दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई “बहुत खराब” से “गंभीर” श्रेणी में है.
ये सभी रीडिंग बताती हैं कि राजधानी की हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है.
IMD का कहना है कि रात का तापमान और गिरेगा और हवा की गति धीमी रहेगी. इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों में एक्यूआई में और बढ़ोतरी हो सकती है. एयर क्वालिटी ऐप के अनुसार फिलहाल हवा “बहुत खराब” स्थिति में है और लंबे समय तक इसमें एक्सपोज़र रहने से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
1. AQI 400 का मतलब क्या होता है?
AQI 400 का मतलब हवा “गंभीर” श्रेणी में है. ऐसी हवा में सांस लेना बेहद नुकसानदायक माना जाता है.
2. ठंड में प्रदूषण क्यों बढ़ जाता है?
ठंड में हवा की गति धीमी होती है और नमी बढ़ जाती है. इससे प्रदूषक जमीन के पास अटक जाते हैं और हवा भारी हो जाती है.
3. इस मौसम में कैसे बचें?
मास्क पहनें, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें, एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और ज्यादा पानी पिएं.
4. क्या बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित होते हैं?
हां. कमजोर इम्यूनिटी के कारण हवा की खराब गुणवत्ता का असर बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा पड़ता है.